सरकार और शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद शिक्षकों को एसआईआर से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि जिन स्कूल में एकल शिक्षक हैं, उन्हें भी बीएलओ की ड्यूटी में लगा दिया गया है। इससे उन स्कूलों में शिक्षण व्यवस्थाएं पूरी तरह से ठप हो गई है। परीक्षा से एनवक्त पहले बनी यह स्थिति विद्यार्थियों के लिए संकट से कम नहीं है। दरअसल, जिले में 15 ब्लॉक में 148 ऐसे स्कूल है, जिनमें एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं। इसके बावजूद करीब 110 स्कूलों के शिक्षकों को बीएलओ लगा दिया। अब ये बीएलओ 11 दिसंबर तक ड्यूटी करेंगे। इसके बाद इन्हें 15 दिसंबर तक हर हाल में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि ये शिक्षक केवल चार दिन में कॉपियां जांचकर परिणाम कैसे तैयार करेंगे? यही नहीं इन चार दिनों में से 14 दिसंबर को एक दिन का अवकाश भी शामिल है। समीपस्थ स्कूलों से व्यवस्थार्थ लगाए शिक्षक, वे कॉपियां-रिजल्ट नहीं देखेंगे एकल शिक्षक वाले स्कूलों में वैसे भी बच्चों की पढ़ाई वर्षभर प्रभावित रहती है। एसआईआर के बीच इन स्कूलों में जिन शिक्षकों को अस्थायी रूप से लगाया गया है, वे भी केवल स्कूल की व्यवस्थाएं ही संभाल पाते हैं। कुछ बीईईओ का कहना है कि स्कूल खाली नहीं रहे इसके लिए पीईईओ (पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) यानी समीपस्थ बड़ी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से वहां पर व्यवस्थार्थ शिक्षक लगाए गए हैं। लेकिन, स्कूल के अन्य जरूरी काम तो मूल शिक्षक आकर ही निपटाएंगे। शिक्षक संघ विरोध में, सरकार भी दे चुकी आदेश, हालात नहीं बदले एसआईआर को लेकर लगभग पूरे प्रदेश में एक जैसे हालात हैं। शिक्षक संगठनों के लगातार विरोध के बाद सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से भी इस संबंध में गाइडलाइन जारी की गई। जिसमें सभी कलेक्टरों को शिक्षकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) से रिलीव करने के निर्देंश दिए गए। शिक्षकों की जगह दूसरे विभागों के कर्मचारियों को इस काम में लगाने को कहा गया। लेकिन, इस आदेश का कोई असर नहीं हुआ। अब भी इस काम में जुटे कर्मचारियों में सबसे ज्यादा संख्या शिक्षकों की ही है। इसका असर स्कूलों पर साफ दिख रहा है। कोटड़ा सीबीईओ बोलीं- हमारे सभी स्कूल खाली भींडर ब्लॉक के सीबीईओ राजेंद्र कुमार चौबीसा और गोगुंदा ब्लॉक की सीबीईओ प्ररेणा नोसालिया ने बताया कि जिन एकल शिक्षक वाले स्कूलों से बीएलओ लगाए गए हैं, वहां पर समीपस्थ स्कूलों से शिक्षक भेज दिया गया है। ताकि समय पर स्कूल खुल सके। हालांकि, अन्य संबंधित काम तो वही शिक्षक आकर करेंगे। कोटड़ा ब्लॉक सीबीईओ विजयलक्ष्मी सारस्वत ने बताया कि हमारे तो सभी स्कूल ही खाली पड़े हैं। हालात बेहद खराब हैं। अब जो एकल शिक्षक स्कूल हैं, उनके सामने परिणाम जारी करने की बड़ी समस्या है। जिन सीनियर स्कूलों में एक शिक्षक है वह अपनी और बच्चों की उपस्थिति ही दर्ज कर दे तो भी बड़ी बात है। डीईओ ने कहा- काम तो समय पर ही पूरा करना होगा माध्यमिक के जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती का कहना है कि जो काम निर्वाचन विभाग की ओर से सौंपा गया है, उसे पूर्ण करना ही है। जब उनसे कॉपियों की जांच और परीक्षा परिणामों की तारीख को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से परीक्षा परिणाम जारी करने की तिथि भी घोषित कर दी गई है। अब इसे देखते हुए शिक्षकों को जल्द से जल्द काम पूरे करने होंगे।


