भास्कर न्यूज | खड़गपुर अपने प्लैटिनम जुबिली वर्ष के एक ऐतिहासिक क्षण में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर, भारत का पहला आईआईटी और तकनीकी नेतृत्व का प्रणेता ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 हार्डवेयर संस्करण के फाइनलिस्टों के साथ ग्रैंड फिनाले के दूसरे दिवस पर एक विशेष संवाद सत्र की मेजबानी की। सत्र की शुरुआत सम्माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के प्रसारण से हुई, जिसने युवा नव प्रवर्तकों को निर्भीक सोच अपनाने, उद्देश्यपूर्ण कार्य करने और तकनीक-आधारित समाधानों के माध्यम से भारत की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हुए पूरे दिन की भावभूमि निर्धारित कर दी। प्रधानमंत्री के संदेश के उपरांत, शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने आईआईटी खड़गपुर में उपस्थित एसआइएच फाइनलिस्टों को संबोधित किया और उनके साथ प्रत्यक्ष संवाद किया। यह संदेश उन प्रतिभागियों के साथ गहराई से जुड़ा, जिनके लिए नवाचार की भावना इस वर्ष विशेष महत्व रखती है क्योंकि संस्थान 75 वर्षों की उत्कृष्टता, राष्ट्र-निर्माण और तकनीकी प्रगति का उत्सव मना रहा है। आईआईटी खड़गपुर में एसआइएच फाइनलिस्टों को अपने प्रोजेक्ट्स पर प्रत्यक्ष चर्चा करने का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने साझा किया:वे वास्तविक समस्याएं जिन्हें वे विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के लिए हल कर रहे हैं, उनकी टीमों की यात्रा और अनुभव तथा वे प्रेरणाएं जिन्होंने उन्हें अपने चयनित समस्या-विवरणों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। डॉ मजूमदार ने छात्रों को महत्वाकांक्षी सोच विकसित करने, अपने प्रोटोटाइप को और परिष्कृत करने तथा एसआइएच द्वारा राष्ट्रव्यापी प्रोत्साहित नवाचार संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारत के तकनीकी भविष्य के निर्माण में युवा नव प्रवर्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और आइआइटी खड़गपुर में निरंतर परिश्रम कर रही टीमों के समर्पण की सराहना की। अपने प्लैटिनम जुबिली वर्ष के दौरान ऐसे महत्त्वपूर्ण संवाद की मेजबानी आईआईटी खड़गपुर की उस दीर्घकालिक परंपरा को पुनः स्थापित करती है जिसमें संस्थान अग्रणी विचारों को पोषित करते हुए भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में सार्थक योगदान देता रहा है। यह संस्थान रचनात्मकता, शोध उत्कृष्टता और नवाचार-प्रेरित राष्ट्रीय विकास का एक सशक्त केंद्र बना हुआ है।


