300 किलोमीटर का सफर…5 घंटे तक लगातार पीछा किया…और दो चोरों को पकड़ा। इन चोरों ने कैंपर, बोलेरो सहित लाखों रुपए का माल चुराकर भाग रहे थे। खास बात यह है कि एक चालान से पुलिस ने आरोपियों को तलाश किया। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश पुलिस ने घेराबंदी की और गिरफ्तार लिया। पुलिस ने चोरी की गाड़ी और उसमें रखा लाखों रुपए का माल भी बरामद कर लिया है। गिरफ्त में आए आरोपी हरियाणा और टीकमगढ़ के रहने वाले है, जो कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में अमृत योजना के तहत चल रही पाइप लाइन में काम करने के लिए करीब 18 दिन पहले आए हुए थे। पाइप जोड़ने का काम मिला था आरोपियों को
अमृत योजना का काम गोकलपुर से रांझी के बीच चल रहा है। जहां एक प्राइवेट कंपनी में करीब 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। हर किसी काम अलग-अलग बंटा हुआ था। आरोपी सरफराज खान और मयंक कुमार दोनों ही अच्छे वेल्डर थे। कंपनी के मैनेजर को जानकारी लगी तो उन्होंने काम पर रख लिया, लेकिन दोनों के विषय में यह पता नहीं किया कि वह कहां रहते हैं। 18 दिन से दोनों चोर साइड पर बेल्डिंग करने का काम कर रहे थे।
6 दिसंबर को शाम होने के बाद भी जब सरफराज और मयंक बोलेरो लेकर आफिस नहीं आए, तो साथी कर्मचारियों ने दोनों को रांझी में तलाश किया। वह नहीं मिले तो सुपरवाइजर अभिनव को बताया गया कि सरफराज और मयंक गायब हैं। उनसे गाड़ी के अलावा आक्सीजन सिलेंडर,वेल्डिंग मशीन,तार सहित लाखों रुपए का माल रखा था। फोन कर लिया बंद कंपनी के कर्मचारियों ने गोकलपुर से लेकर रांझी तक दोनों को काफी देर तक तलाश किया, पर जब वह नहीं मिले तो रांझी थाने में सरफराज और मयंक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि कंपनी की बोलेरो जीप के साथ मशीन भी ले गए है। पुलिस ने दोनों का मोबाइल नंबर लेकर काॅल किया तो वह बंद था।
एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर रांझी थाना पुलिस लगातार चोरों की तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी, इसी बीच रविवार की रात करीब साढ़े 11 बजे गाड़ी मालिक के मोबाइल पर चालान कटने का मैसेज आया, उन्होंने देखा कि उनकी जो बोलेरो चोरी हुई है, उसका यूपी पुलिस ने 6 दिसंबर की रात को टीकमगढ़-ललितपुर रोड पर स्पीड तेज होने के कारण ऑनलाइन साढ़े 12 हजार रुपए का चालान काटा था। जमा ना करने पर मालिक को ई-चालान के जरिए मैसेज भेजा गया। रात 12 बजे रवाना हुई पुलिस
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी को जैसे ही सूचना मिली कि चोरी गई गाड़ी का यूपी पुलिस ने चालान काटा है, जिसका मैसेज भी मालिक के पास पहुंचा तो यह समझ में आ गया कि आरोपी टीकमगढ़ के रास्ते ललितपुर तरफ भाग रहे है, तो उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और फिर ललितपुर पुलिस से संपर्क किया। लगातार पांच घंटे तक गाड़ी चलाते हुए सुबह करीब सुबह पांच बजे ललितपुर पहुंचे, जहां दो राज्यों की पुलिस ने घेराबंदी कर ना सिर्फ दोनों चोरों को गिरफ्तार किया। पकड़ने में मेहनत करनी पड़ी
रांझी थाना में पदस्थ मयंक सिंह ने बताया कि आरोपियों का नहीं पता मालूम था, और ना ही उनका कोई रिकार्ड था, ऐसे में दोनों चोरों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती था। दोनों के मोबाइल लोकेशन के आधार पर सर्चिंग की जा रही थी, पर अधिकतर समय दोनों अपना मोबाइल बंद रखते थे।
6 दिसंबर की रात जब गाड़ी का चालान कटा और अगले दिन मालिक के पास ई-चालान का मैसेज आया तो यूपी पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों तक पहुंचा गया। सरफराज खान और मयंक को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड ली जाएगी। आशंका है कि पूछताछ के दौरान इनसे और भी कई अपराधों का खुलासा हो सकता है।


