सिवनी जिले की कोतवाली पुलिस ने मवेशी तस्करी का भंडाफोड़ किया है। मंगलवार देर रात एक कंटेनर से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 32 मवेशियों को मुक्त कराया गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये मवेशी पन्ना से नागपुर के कत्लखाने ले जाए जा रहे थे। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता गोवंश तस्करी और अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिवनी श्रीमती श्रद्धा सोनकर के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जबलपुर से नागपुर की ओर बायपास से एक सफेद रंग का कंटेनर (HR67B2505) अवैध रूप से गोवंश को क्रूरतापूर्वक भरकर कत्लखाने ले जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम जबलपुर-नागपुर फोरलेन हाईवे पर छिंदवाड़ा रोड ब्रिज के पास पहुंची। ट्रक जाम लगाकर पुलिस ने गोवंश से भरा कंटेनर पकड़ा पुलिस ने ट्रकों का जाम लगाकर कंटेनर क्रमांक HR67B2505 को रोका। पुलिस को देखकर वाहन चालक और उसका साथी भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। कंटेनर खोलने पर उसमें 32 गोवंश (बैल) निर्दयतापूर्वक रस्सी से सींग, पैर और गर्दन से बंधे हुए पाए गए। उन्हें क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान मोहम्मद साकिर सिद्दीकी (वाहन चालक) और मैशाद कुरैशी के रूप में बताई। उन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे पन्ना जिले के जंगल से आसपास के लोगों से जानवर खरीदकर नागपुर के कत्लखाने में बेचने के लिए ले जा रहे थे। कंटेनर सहित करीब 13 लाख की संपत्ति जब्त सभी 32 गोवंश को सुरक्षित मुक्त कराकर दयोदय जीवरक्षा संस्थान, बीझावाड़ा गोशाला में रखा गया है। पुलिस ने कंटेनर (कीमत लगभग 10 लाख रुपए) और 32 मवेशियों (कीमत लगभग 3 लाख रुपए) को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक जयवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक प्रशांत राठौर, आरक्षक संतोष साहू, विनय सेंगर, राजेंद्र राजपूत, सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे, प्रतीक बघेल, मुकेश चौरिया और इरफान खान शामिल थे।


