बारां में भारतीय किसान संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद मात्रा बढ़ाने की मांग की है। किसान संघ का आरोप है कि सरकारी त्रुटि के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। किसान पदाधिकारियों ने बताया कि बोए गए कुल रकबे के आधे हिस्से को 50 प्रतिशत खराबा मानकर केवल आधे रकबे की ही खरीद की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सोयाबीन की मात्रा भी औसत उत्पादन का आधा ही खरीदी जा रही है। प्रांत अध्यक्ष शंकर लाल नागर ने जानकारी दी कि खरीद मात्रा के निर्धारण में सरकारी गलती का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि औसत उत्पादन को आधार मानकर आधे खराबे के साथ रकबे को आधा कर दिया गया है। नागर ने बताया कि प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन को भी कम करके 9 क्विंटल 88 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से खरीद की जा रही है। यह संपूर्ण रकबे का केवल 25 प्रतिशत है जो तोल केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। किसान संघ की मांग है कि पूरे रकबे का औसत उत्पादन, जिसे 50 प्रतिशत कम माना गया है, उसके आधार पर खरीद की जाए। किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल को जिला कलेक्टर ने इस उचित मांग पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में प्रांत अध्यक्ष शंकर लाल नागर के साथ बारां तहसील अध्यक्ष भोजराज यादव, सह मंत्री राजेंद्र बैरवा, उपाध्यक्ष रामकिशन सुमन, गोविंद नागर और बारां नगर मंत्री हरि ओम यदुवंशी शामिल थे।


