रात में सीवरेज में छोड़ रहे फैक्ट्रियों का रंगीन पानी:बिना नंबर के टैंकर रात में कुछ फैक्ट्रियों से रंगीन पानी लाकर सीवरेज की होदी से डाल रहे है

पाली में उद्यमियों की आपसी खींचतान के चलते पिछले करीब एक महीने से फैक्ट्रियां बंद है। क्योंकि बकाया रुपयों का भुगतान नहीं होने से ट्रीटमेंट प्लांट बंद है। इधर कई बार मीटिंग हुई लेकिन निर्णय फिलहाल नहीं निकल पाया है। इधर कुछ पावरफुल फैक्ट्री मालिक चोरी छिपे रात को फैक्ट्रियों का संचालन कर रहे है और फैक्ट्रियों का रंगीन पानी चोरी छिपे टैंकरों के जरिए सीवरेज की होदिया के जरिए नाले से होकर सीधे नदी में छोड़ कर बांडी नदी को दूषित करने का काम किया जा रहा है। कुछ उद्यमियों की ये हरकत पाली की इंडस्ट्रीज को खतरे में डालने का काम कर रहे है। दो रात घूमे तो टैंकर खाली होते आए नजर दैनिक भास्कर की टीम शनिवार और रविवार की रात को पूनायता और मंडिया रोड इंडस्ट्रीज में घूमी। इस दौरान पूनायता औद्योगिक एरिया से ट्रीटमेंट प्लांट 6 से कुछ दूरी पर स्थित फैक्ट्री से प्रदूषित पानी से भरा एक बिना नम्बर का टैंकर हमे रविवार रात साढ़े 11 बजे नजर आया। पीछा किया तो टैंकर पूनायता औद्योगिक एरिया से होते हुए लोहार बस्ती होते हुए नाले पर बना पूल क्रॉस कर एक मकान के बाहर खड़ा हुआ। उसमें से ड्राइवर उतरा और पाइप सीवरेज की गोदी में डाला। कठिन 20–25 मिनट में टैंकर खाली हुआ तो फिर से टैंकर पूनायता औद्योगिक एरिया में गया। एक फैक्ट्री से रंगीन पानी भर कर फिर से ऐसी स्थान पर आया और रंगीन पानी खाली किया। ये टैंकर तो कभी ट्रैक्टर टैंकर के जरिए फैक्ट्रियों से निकलने वाला रंगीन पानी खाली करने का क्रम जारी रहा। नाले में नजर आया पाइप पूनायता औद्योगिक एरिया के पास लोहार बस्ती के पास से जिस नाले में सीवरेज हौदी के जरिए रंगीन पानी डाला जा रहा था। उसकी जांच दिन में जाकर की तो नाले में एक पाइप नजर आया। संभवत सीवरेज हौदी से ये पाइप सीधे नाले तक लाया गया जिससे फैक्ट्रियों का रंगीन पानी नाले से होकर से सीधे नदी में जाकर उसे दूषित कर रहा था। नदी में भी बहता नजर आया रंगीन पानी बांडी नदी की स्थिति का हमने जायजा लिया तो नदी में भी रंगीन पानी हमें बहता नजर आया। जो साफ इशारा कर रहा था कि चोरी छिपे रंगीन पानी छोड़ कर नदी को दूषित करने का काम किया जा रहा है। नाले में भी नजर आया रंगीन पानी मंडिया रोड औद्योगिक एरिया का जायजा लिया तो वहां भी एक नाले में रंगीन पानी भरा नजर आया। जो साफ इशारा कर रहा था कि नाले में चोरी छिपे किसी ने रंगीन पानी डाला है। 11 करोड़ बकाया इसलिए पानी लेना किया बंद ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 6 का संचालन स्वराष्ट्र कम्पनी की ओर से किया जा रहा है। प्लांट पर मंडिया रोड और इंडस्ट्रीज फेज 1-2 का अनट्रीट पानी आता है। प्लांट की क्षमता 12 MLD है और अनट्रीट पानी करीब 7 MLD आता था। CITP में प्रोजेक्ट का 8 करोड़ रुपए और ऑपरेशन एंड मेन्टेनेंस का 3 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। इसलिए प्लांट पर 10 नवंबर से फैक्ट्रियों का अनट्रीट पानी लेना बंद कर रखा है। ट्रीटमेंट प्लांट 4 ही फिलहाल बंद पड़ा है Ro बोले– मामले की जांच करवाएंगे इस बारे में जब प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी से बात की तो उन्होंने कहा कि rto विभाग का ये काम है। इसको लेकर उन्हें करवाई के लिए लिखेंगे और जहां नाले में पाइप लगा है वहां जाकर मौका देखेंगे कि वो पाइप कहा से आ रहा है।

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