बड़े निवेश की तैयारी:मप्र में विश्वस्तर की वर्कफोर्स बनेगी; अमेजन, वॉलमार्ट जैसी कंपनियों के कैपेबिलिटी सेंटर मप्र में बनेंगे

ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर का ड्राफ्ट जारी, नीति भी जल्द बिजनेस और इंडस्ट्री के नए क्षेत्रों में निवेश और नौकरियां बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्लोबल कंपनियों की स्थानीय यूनिट, यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में ड्राफ्ट दिसंबर नीति भी लागू की जाएगी। अगले कुछ में जारी हो चुका है और जल्द ही वर्षों में 50 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के माध्यम से 37,000 युवाओं को रोजगार देने की योजना बनाई गई है। अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और वॉलमार्ट जैसी ग्लोबल कंपनियां लागत कम करने और कुशल युवाओं का उपयोग करने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) शुरू करती हैं। इन केंद्रों से आर एंड डी, आईटी सर्विस, बीपीओ और इंजीनियरिंग सेवाएं दी जाती हैं। इसी के तहत मध्य प्रदेश में भी जीसीसी पॉलिसी पर काम हुआ है। दिसंबर में इसका ड्राफ्ट जारी हुआ था और जल्द ही नीति फाइनल होगी। ये फायदाः जीसीसी से निवेश आएगा, ग्लोबल कनेक्टिविटी के साथ ही नौकरियां भी बढ़ेंगी जीसीसी से निवेश आने के साथ ग्लोबल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे प्रदेश में आईटी और आईटी इनेबल्ड सर्विसेज को बढ़ावा मिलेगा। विदेशी निवेश के साथ नौकरियां बढ़ेंगी और स्थानीय कंपनियों का जुड़ाव ग्लोबल कंपनियों से होगा। इन केंद्रों से स्किल्ड युवाओं की मांग और टेक्निकल एजुकेशन-ट्रेनिंग को बढ़ावा मिलेगा। ऑटोमोबाइल, जीआईएस, माइनिंग, फार्मा, रिन्युएबल एनर्जी और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में इन केंद्रों पर फोकस रहेगा।
बड़ा हब, मप्र में पहले से ही 15 आईटी पार्क और 150 इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चीन की जगह भारत ग्लोबल कंपनियों की पहली पसंद बन रहा है। 46 बिलियन डॉलर के जीसीसी मार्केट में भारत का 50% हिस्सा है। 2023 में देश में 1600 जीसीसी थे, जो 2030 तक 2400 हो जाएंगे। अब तक ज्यादातर केंद्र दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, पुणे और चेन्नई में हैं। मप्र में 5 स्पेशल इकोनॉमिक जोन, 15 आईटी पार्क और 150 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जो निवेश और रोजगार के बड़े अक्सर प्रदान कर सकते हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, आईटी, टेक्सटाइल और जीआईएस सेक्टर में मप्र जल्द ही 37,000 नौकरियां उत्पन्न कर सकता है।
स्थानीय टैलेंट को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण देंगे
जीसीसी लोकल टैलेंट को ट्रेनिंग देकर ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने का जरिया है। इससे निश्चित ही मप्र में ट्रेंड युवाओं की फौज तैयार करने में मदद मिलेगी। राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष – एसोसिएशन ऑफ आल इंडस्ट्रीज मंडीदीप

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *