सीएम का जनता दरबार नहीं लगा, फरियादी पहुंचे:अफसरों ने लिए शिकायती आवेदन; लोगों ने कहा-उम्मीद थी मुख्यमंत्री मिलेंगे

भोपाल में सीएम डॉ. मोहन यादव के जनता दरबार लगाने की खबर सुनकर प्रदेशभर से लोग सीएम हाउस पहुंच गए।हालांकि यहां जनता दरबार की कोई तैयारी नहीं थी। अधिकारियों ने लोगों से शिकायती आवेदन लिए और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। लेकिन मुख्यमंत्री से न मिल पाने के कारण लोग निराश नजर आए। सीहोर: सड़क की समस्या हल करने हल लेकर पहुंचे किसान
सीहोर जिले के चंदेरी गांव का किसान एमएस मेवाड़ा अन्य किसानों के साथ कार में छोटा सा हल लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा, “चैनल्स और अखबारों में यह खबर देखी थी कि आज सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक मुख्यमंत्री जी जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। ऐसे में हम लोगों ने सोचा कि हमारे सीहोर जिले के चंदेरी, नयाखेड़ा रामपुर के किसानों को सड़क न होने से समस्या हो रही है। सीएम को हल भेंट करेंगे और साफा बांधकर उनका स्वागत करेंगे ताकि हमारे गांव की रोड की समस्या हल हो जाए। हमारे गांव रायपुर नया खेड़ा में अनुसूचित जाति बस्ती में रोड नहीं है। उसकी फाइल वल्लभ भवन में चल भी रही हैं। हमें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जी मिलेंगे लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। मैहर: बहन ने कहा- बिल्डर ने भाई की हत्या करा दी
मैहर जिले के लटा गांव की साधना गौतम मुख्यमंत्री निवास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके भाई ने भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक बिल्डर से फ्लैट खरीदा था। बिल्डर ने उनके भाई की हत्या करवा दी। अब, भाई का फ्लैट खाली पड़ा होने के बावजूद, वहां बिल्डर उन्हें तरह-तरह से परेशान कर रहा है। साधना बताती हैं उनके फ्लैट पर शराब पीकर बहुत सारे लोग आते हैं। मेरे और मेरे पति के ऊपर आरोप लगाए जाते हैं कि मैं और मेरे पति गांजा बेचते हैं, हमें गांजा बेचने के आरोप में थाने में बंद करने की धमकियां दी जा रही हैं। थाने में शिकायत करने पर टीआई ने गाली-गलौज की और 181 पर की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। तीन-चार गुंडे मुझे इतना परेशान कर रहे हैं कि मैं अपने बच्चों को लेकर दूसरों के घर में पड़ी हुई हूं। मेरे रहने के लिए घर तक नहीं है। मैं आज मुख्यमंत्री जी से मिलने के लिए आई थी। लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। बुरहानपुर: बाथरूम के बाहर दबंगों ने लगाए कैमरे
बुरहानपुर से आई सरिता पटेल ने बताया कि गौरव और निरंजन नागर से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। “हमारे घर की बिजली और पानी का कनेक्शन काट दिया गया है। बाथरूम के बाहर कैमरे लगा दिए गए हैं, जहां हमारी बच्चियां नहाती हैं।” “मैं यहां 10 बार भोपाल मुख्यमंत्री के ऑफिस आ चुकी हूं लेकिन यहां पर आवेदन ले लेते हैं, कोई कार्रवाई नहीं होती। पुलिस थाने से लेकर वहां के सारे अधिकारी मिले हुए हैं। मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं।” सरिता बताती है, अधिकारी कहते हैं कि आपका मामला कोर्ट में चल रहा है। अगर कोर्ट में चल भी रहा है तो बिजली काट देना और पानी की सप्लाई न देना यह कहां का न्याय है? आज सोचा था मुख्यमंत्री जी को अपनी बात बताऊंगी लेकिन, मुलाकात नहीं हो पाई। नर्मदापुरम: झूठे केस में जेल में बंद युवक, परिवार पहुंचा सीएम हाउस
नर्मदापुरम जिले के बीकोर गांव की गीता कीर ने बताया कि उनका भाई पिछले एक साल से झूठे हत्या के मामले में जेल में बंद है। “हमने पुलिस को सारे सबूत और वीडियो फुटेज दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री से मिलने आई थी ताकि भाई को छुड़वाने में मदद मिल सके, लेकिन बात नहीं हो पाई।” मामला 2 दिसंबर 2023 का है, जिस समय भाई नर्मदापुरम में अपनी पत्नी के साथ और भाभी के साथ कपड़े खरीद रहा था। इस बीच उस पर केस दर्ज कर दिया गया। हमने सारी जानकारी और डिटेल थाने वालों को दी आवेदन दिया। इसके बाद एसपी साहब ने भाई को 6 दिसंबर को छोड़ दिया और फिर दोबारा 29 दिसंबर को फिर गिरफ्तार कर लिया। एक साल हो गया वह जेल में बंद है। भोपाल: प्रशासन ने अतिक्रमण बताकर हमारी दुकानें तोड़ीं
भोपाल के अल्पना टॉकीज इलाके में किराए पर ली गई दुकानों के व्यापारी विजेंद्र पाटीदार ने बताया, “1999 में कलेक्टर की अनुमति से दुकानें खरीदी थीं। लेकिन अब मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते प्रशासन ने इन्हें अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया। हमें दुकान के बदले दुकान चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने का मौका नहीं मिला।” अशोकनगर: सिंधिया रियासत के जमाने की रजिस्ट्री, फिर भी कब्जा
अशोकनगर के राजकुमार सोनी ने बताया, “मेरे पास सिंधिया रियासत काल की रजिस्ट्री है, लेकिन नगर पालिका ने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया। कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में होने के बावजूद नामांतरण निरस्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री से मिलने आया था, हालांकि मुलाकात नहीं हो पाई।” गुना:तहसीलदार कहते- बच्चे मुझसे पूछकर पैदा किए
गुना जिले के दीनाखेड़ी गांव की पिंकी वंशकार ने बताया, “मेरे पति करंट लगने से गुजर गए। चार बच्चों की मां हूं, लेकिन सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। तहसीलदार ने कहा, ‘मुझसे पूछकर बच्चे पैदा किए थे?’ मैं मुख्यमंत्री से मदद की आस लेकर आई थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई।”

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