जिला प्रमुख समेत जिले के प्रधानों का बुधवार को कार्यकाल खत्म हो गया है। उन्हें स्टाफ, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों ने समारोह पूर्वक विदाई दी है। इससे पहले आखिरी दिन भी अटके पड़े बिल और जनहित के काम किए है। जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल ने आखिरी दिन दो जरूरी कार्य किए है। उन्होंने 63 टीचरों का स्थायीकरण किया है। साथ ही जिले भर की अन्नपूर्णा रसोई के अटके पड़े एक करोड़ के बिल पास किए गए। जिला परिषद से अपने आज जिला प्रमुख के रूप में आखिरी दिन ऑफिस में काम करके अपने आवास जाने से पहले सरोज नरेश बंसल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा- आज से पांच साल पहले जिस विजन के साथ जिला प्रमुख का दायित्व संभाला था, उसे पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम भजन लाल शर्मा के विजन के मुताबिक पूरा किया है। पांच साल में केंद्र और राज्य सरकार से मिले 35 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए है। स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त पर भी काफी काम किया है। जिला परिषद, सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों को प्लास्टिक मुक्त किया है। इसमें अभी 50 प्रतिशत सफल हुए हैं। ग्राम पंचायतों की तरह हमारे कार्यकाल की भी अवधि बढ़ जाती तो इसे 80 प्रतिशत सफल बना देते। उन्होंने कहा कि हर पंचायत को प्लास्टिक मुक्त बनाने और स्वच्छ बनाने के लिए बर्तन भंडार खोले हैं, ताकि लोग उनका यूज करे, इससे प्लास्टिक का यूज कम से कम हो। उन्होंने कहा कि जिले में सभी धार्मिक स्थलों को डवलप किया हेज वहां सड़क सामुदायिक भवन, हैडपंप आदि की सुविधा दी है।


