सलूम्बर कलेक्टर अवधेश मीना ने वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास डाल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास की जर्जर स्थिति और अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के समय छात्राएं स्कूल में थीं। 7 दिन में मरम्मत के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मीना को छात्रावास अधीक्षक ने बताया कि भवन के कई हिस्से जर्जर हैं और शौचालय टूटे हुए हैं, जिससे छात्राओं को असुविधा हो रही है। कलेक्टर ने स्वच्छ एजेंसी को फटकार लगाते हुए कहा कि बजट जारी होने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू न करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने 7 दिनों के भीतर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और ऐसा न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। कारण बताओ नोटिस जारी निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अगस्त माह से छात्रावास का भोजन बजट जारी नहीं हुआ है। इसके कारण वार्डन को अपने वेतन से भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही थी। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने उपायुक्त, टी.ए.डी. सलूम्बर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में स्पष्टीकरण देने और लंबित भुगतान तुरंत जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पाया कि छात्रावास में कंप्यूटर कक्षाएं बंद थीं और पुस्तकालय पूरी तरह निष्क्रिय था। उन्होंने तुरंत प्रभाव से पुस्तकालय शुरू करने, रजिस्टर में छात्राओं को पुस्तक आवंटन दर्ज करने और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खेल गतिविधियों के अभाव को देखते हुए कलेक्टर मीना ने 7 दिनों के भीतर अंशकालिक या प्रतिनियुक्ति पर खेल कोच की नियुक्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए। कलेक्टर ने प्राचार्य, ईएमआरएस प्रेमनगर को छात्रावास का दौरा कर छात्राओं को नशा और धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने तथा काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रतिदिन शाम 6 बजे से 8 बजे तक स्टडी ऑवर अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं।


