खरसावां गोलीकांड के पीड़ितों को चिह्नित करने के लिए बनेगा आयोग

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को बताया कि खरसावां गोलीकांड के पीड़ितों की पहचान के लिए जल्द ही आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 1948 को हुआ खरसावां गोलीकांड झारखंड के लिए जलियांवाला बाग जैसी त्रासदी थी, जिसमें भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं और सैकड़ों लोगों की जान गई थी। उन्होंने बताया कि पीड़ितों की पहचान के लिए 9 जनवरी 2015 को समिति गठित की गई थी, लेकिन कई दौर की जांच के बाद भी केवल दो पीड़ितों की पहचान हो सकी। मंत्री ने कहा कि इस मामले में व्यापक जांच की जरूरत है। खरसावां से झामुमो विधायक दशरथ गगराई ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से पीड़ितों की पहचान के लिए न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसके जवाब में मंत्री ने आयोग गठन का भरोसा दिया। 4 निजी विश्वविद्यालय विधेयक वापस सदन ने मंगलवार को चार निजी विश्वविद्यालय विधेयकों को भी वापस ले लिया। राज्यपाल द्वारा मंजूरी नहीं दिए जाने के बाद सरकार ने सीवी रमण ग्लोबल विश्वविद्यालय विधेयक 2023, अरोग्यम इंटरनेशनल विश्वविद्यालय विधेयक 2023, जैन विश्वविद्यालय विधेयक 2023 और शाइन नेशनल विश्वविद्यालय विधेयक 2023 को वापस ले लिया है। सरकार ने कहा है कि संशोधन कर इन विधेयकों को आगामी सत्र में फिर से लाया जाएगा। पर्यटन प्राधिकार बनेगा, सुझावों से पर्यटन स्थलों का विकास झारखंड पर्यटन विकास एवं निबंधन (संशोधन) विधेयक-2025 विधानसभा से पारित हो गया है। विधेयक के लागू होने के बाद अब प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में पर्यटन प्राधिकार का गठन किया जाएगा। प्राधिकार में उपविकास आयुक्त या सरकार द्वारा नामित अधिकारी को प्रबंध निदेशक बनाया जाएगा, जो प्राधिकार के उपाध्यक्ष भी होंगे। साथ ही अन्य सदस्यों का नामांकन विभाग करेगा। नए प्राधिकार के गठन के बाद पर्यटन स्थलों का विकास स्थानीय स्तर पर स्थानीय सुझावों के साथ किया जाएगा। प्राधिकार को पर्यटन स्थलों से राजस्व वसूली करने, रसीद जारी करने और अपने कोष से कर्मचारियों के वेतन-भत्ते वहन करने का अधिकार मिलेगा। प्राधिकार सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी ले सकेगा। साथ ही पर्यटन स्थल के आसपास की सड़क, नाली, मकान या भूमि पर हुए कब्जे को हटाने का भी अधिकार प्राधिकार को होगा। स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने की योजना: सरकार का कहना है कि नए प्राधिकार के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। -शेष पेज 13 पर आंगनबाड़ी सेविकाओं की नियुक्ति में उम्र सीमा में आरक्षण मिलेगा प्रश्नकाल में ही महेशपुर के झामुमो विधायक स्टीफन मरांडी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं की नियुक्ति में आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सेविका और सहायिका निचले पायदान की कर्मी हैं, जिन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस पर जवाब देते हुए मंत्री चमरा लिंडा ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार ने पहले ही निर्णय ले लिया है। अब आंगनबाड़ी सेविकाओं की नियुक्ति में उम्र सीमा में भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है। बाबूलाल ने उठाया झारखंड भवन का मुद्दा, सरकार करेगी समीक्षा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन और ऊर्जा विभाग के गेस्ट हाउस से जुड़ा मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि निगरानी एवं सचिवालय विभाग ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि झारखंड भवन में केवल विधायक के सगे-संबंधी ही ठहर सकते हैं। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि जनता के पैसे से बने भवन में आम जनता के लिए जगह नहीं है, जबकि वे विभिन्न कार्यों से दिल्ली आते हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह देखना होगा कि निगरानी विभाग ने ऐसा आदेश कैसे जारी किया। -शेष पेज 13 पर राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ करने का प्रस्ताव सदन में रखा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि रांची स्थित राजभवन राज्य सरकार की संपत्ति है और उसके नामकरण का अधिकार भी राज्य सरकार को है। उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि रांची राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ और दुमका राजभवन का नाम ‘सिदो-कान्हू भवन’ किया जाए। उन्होंने कहा कि राजभवन द्वारा हाल ही में ‘लोकभवन’ नाम से अधिसूचना जारी की गई है, जिस पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताई है। मंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू जैसे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में यह नामकरण प्रस्ताव सदन में लाया गया है।

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