चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘पिंक पखवाड़ा’ के तहत जिले ने गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम में प्रदेशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। 1 दिसंबर से 9 दिसंबर तक जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार, जिले ने कुल 2066 महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (FCM) के इंजेक्शन लगाए हैं, जिनमें से 1978 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। यह संख्या प्रदेश में सर्वाधिक है। जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में चिकित्सा संस्थानों पर लगाए गए FCM इंजेक्शन की संख्या पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने इस अभियान की सफलता का श्रेय जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग के निर्देशन में की गई विशेष तैयारियों और विभाग की समर्पित टीम को दिया है। सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल के पीएमओ और उनकी पूरी टीम, सभी बीसीएमओ (BCMO), सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) प्रभारी से लेकर आशा सहयोगिनी तक के सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान रहा है। यह उम्मीद जताई कि पखवाड़ा समाप्त होने पर जारी होने वाली अंतिम रिपोर्ट में भी जिला संभवतः प्रथम स्थान पर बरकरार रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से जिले की किसी भी गर्भवती महिला को खून की कमी (एनीमिया) के चलते किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। * जिले द्वारा लगाए गए कुल FCM इंजेक्शन (1-9 दिसंबर): 2066 * इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या: 1978 (यह संख्या प्रदेश में सर्वाधिक है) * प्रदेश में अब तक कुल लगाए गए FCM इंजेक्शन (गर्भवती महिलाओं को): 27,510


