ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) को लेकर देश भर में अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए सभी सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए चिकित्सकों को अलर्ट मोड में रखने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस वायरस का संक्रमण 5 से 70 वर्ष तक के लोगों में होने की संभवना है। इसका लक्षण भी कोविड की तरह है। स्वास्थ्य विभाग को राज्य के सभी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट एवं अन्य जगहों पर डॉक्टर प्रतिनियुक्त कर जांच करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अबतक कोई दिशा निर्देश नहीं आया है। जैसे ही केंद्र सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, उसके निर्देशानुसार सभी तरह के वायरस से बचाव के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ एक डॉक्टर होने के नाते वायरस के मामले को अति गंभीरता एवं प्राथमिकता पर लेकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सर्दी के मौसम में इस तरह के केस पहले भी पाए गए हैं, तत्काल पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। कोविड से बचने के लिए जिस तरह के उपाय किए गए थे, उसी तरह के उपाय करें। जैसे ही खांसी, जुकाम, बुखार हो तो मास्क का प्रयोग करें। बाहर से आने पर हाथ जरूर सैनेटाइजर का प्रयोग कर साफ करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें। आइएमए ने एचएमपीवी को बताया सामान्य वायरस, कहा-कोविड की तरह बरतें सावधानी जिनमें पहले से गंभीर बीमारी की हिस्ट्री है, वे अलर्ट रहें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन झारखंड चैप्टर ने एचएमपीवी वायरस को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, आईएमए ने कहा कि सिर्फ उन्हें ही सतर्क रहने की जरूरत है, जिन्हें पहले से किसी गंभीर बीमारी की हिस्ट्री है। आइएमए अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह और सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि एचएमपीवी एक सामान्य वायरस है। इसका लक्षण कोविड-19 के समान है। पिछले कई दिनों से चीन के कुछ प्रदेशों में रेस्पिरेटरी सिंपटम्स वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। चीन द्वारा इसे सीजनल इनफ्लूएंजा माना जा रहा है। वर्ष 2024 में मलेशिया में 327 एचएमपीवी केस रिपोर्ट किए गए थे। भारत में दिसंबर 2024 में रेस्पिरेटरी इनफ्लूएंजा के 714 केस रिकॉर्ड में आए। इसमें 9 मामले लैब टेस्ट में एचएमपीवी पॉजिटिव पाये गए थे। आइएमए के मुताबिक, एचएमपीवी से बचाव के लिए कोविड-19 के समान ही तरीका अपनाएं। छोटे बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के मामले में विशेष ध्यान रखें।


