नीमच रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्टेशन के लगभग 90 प्रतिशत विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने शुक्रवार दोपहर नीमच पहुंचकर सभी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि करीब ₹3 करोड़ की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से संवारा जा रहा है, साथ ही इसकी 145 साल पुरानी ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित किया गया है। क्लॉक टावर को मूल स्वरूप में सजाया स्टेशन, जो वर्ष 1880 में बना था, उसकी पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए सौंदर्यीकरण किया गया है। दीवारों पर थीम आधारित कलाकृतियां बनाई गई हैं और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। स्टेशन के ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर का नवीनीकरण उसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पूरा कर लिया गया है, जिससे इसका पुराना गौरव फिर लौट आया है। लिफ्ट, कवर शेड, पेयजल और बैठने की सुविधा में सुधार यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट लगाने का काम अंतिम चरण में है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्लेटफॉर्म पर कवर शेड का विस्तार किया गया है, साथ ही पेयजल और बैठने की व्यवस्था को भी और बेहतर बनाया गया है। माल परिवहन के लिए गुड्स शेड का निर्माण भी तेजी से प्रगति पर है। राजस्व बढ़ाने के प्रयास, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा रेलवे गैर-किराया राजस्व बढ़ाने के लिए नए विज्ञापन और अन्य पहल कर रहा है। स्टेशन परिसर में संचालित ‘वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट’ काउंटर स्थानीय उत्पादों और हस्तकला के प्रचार में अहम भूमिका निभा रहा है। मल्हारगढ़ तक डबल लाइन तैयार मीणा ने बताया कि मल्हारगढ़ तक डबल लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। मल्हारगढ़ से दलोदा तक का काम तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने पर रेलवे यातायात की गति और क्षमता दोनों में बढ़ोतरी होगी। प्रतीक्षालयों का नवीनीकरण पूरा स्टेशन पर महिला और पुरुष प्रतीक्षालयों का नवीनीकरण भी खत्म हो चुका है, जिससे यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक सुविधाएं मिल रही हैं। निरीक्षण के दौरान स्टेशन मास्टर वी.के. विश्वाह और वाणिज्य निरीक्षक प्रवीण ओझा भी मौजूद रहे।


