कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को दिया प्रशिक्षण:तिलहन उत्पादन और प्राकृतिक खेती पर जोर, 50 ने सीखी नई तकनीक

शाजापुर के ग्राम गोपीपुर में कृषि विज्ञान केंद्र ने दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण का आयोजन किया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत यह प्रशिक्षण 11 और 12 दिसंबर 2025 को कृषि विभाग, शाजापुर के सहयोग से संपन्न हुआ। इसमें 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। डॉ. एस.एस. धाकड़ ने तिलहनी और रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों के चयन, समन्वित पोषण प्रबंधन, मृदा संरक्षण और सिंचाई जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उचित पौध संरक्षण उपायों और उन्नत कृषि यंत्रों, विशेषकर फसल अवशेष प्रबंधन की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. गायत्री वर्मा ने मशरूम उत्पादन तकनीक, मोटे अनाज के महत्व और उनके प्रसंस्करण पर चर्चा की, साथ ही किसानों को इन्हें अपने भोजन में शामिल करने की सलाह दी। डॉ. मुकेश सिंह ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार पोषक तत्वों के उपयोग और रबी फसलों में समन्वित कीट प्रबंधन की जानकारी प्रदान की। डॉ. डी.के. तिवारी ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले आर्थिक नुकसान और कीट-रोगों की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती के महत्व एवं तरीकों पर विस्तार से बताया। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विजय गामी ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सालगराम धाकड़ ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के बारे में अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *