खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एचडी कुमार स्वामी से मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने मंत्री को नेपानगर की 1665 एकड़ वन भूमि को राजस्व भूमि में परिवर्तित करने की मांग संबंधी एक पत्र सौंपा। सांसद ने पत्र में बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र की नेपानगर विधानसभा में एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड स्थित है। भारत सरकार ने 1949 में मिल को 1762 एकड़ वन भूमि आवंटित की थी। इसमें से 107 एकड़ पर कागज कारखाना और शेष 1665 एकड़ वन भूमि पर नेपा लिमिटेड के आवासीय परिसर निर्मित हैं। नेपानगर सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष ने सांसद को इस मुद्दे से अवगत कराया था। सांसद ने अपनी सहमति व्यक्त करते हुए मांग की कि 107 एकड़ को छोड़कर 1665 एकड़ भूमि को राजस्व भूमि में बदला जाए। उनका तर्क था कि इससे स्थानीय लोगों को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जो वर्तमान में वन भूमि होने के कारण नहीं मिल पा रहा है। राजस्व भूमि होने से उद्योग स्थापना में भी मदद मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सांसद पाटील ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष नेपा लिमिटेड में उत्पादन प्रक्रिया बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मिल के नवीनीकरण के बाद 35,000 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन किया गया था, लेकिन अब उत्पादन प्रक्रिया बंद है। उन्होंने नेपा मिल के मजदूरों के लंबित ग्रेडेशन लाभ और उनकी देनदारियों का जल्द भुगतान करने की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने इन सभी मुद्दों के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में नेपानगर सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन के राजाराम पटेल, संजय पवार, शांताराम चौधरी और महेंद्र केशरी शामिल थे।


