ओरछा में जमीन विवाद, किसानों का कब्जा बरकरार:जांच के बाद तय होगा 3 एकड़ भूमि किसकी, ग्रामीण 2 दिन से कर रहे थे प्रदर्शन

निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील के मौजा गुदरई गांव में 3 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। कुशवाहा समाज और ओबीसी महासभा ने इस मुद्दे को लेकर लगातार दो दिनों तक प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। वहीं शुक्रवार को जिस पर कब्जे का आरोप लगा है, उस जमीन के मालिक प्रणव जैन ने सामने आकर सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ओबीसी महासभा ने आरोप लगाया कि मौजा गुदरई में रातोंरात जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इस आरोप के बाद ओबीसी महासभा ने ओरछा तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। पीड़ित किसानों, जिनमें देवकी कुशवाहा, कन्हैयालाल कुशवाहा और मनोज कुशवाहा शामिल हैं, ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर तुरंत कार्रवाई की मांग की थी। किसानों ने शिकायत की थी कि उनकी स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 755, रकवा 0.664 पर जेसीबी और एलएनटी मशीनों का इस्तेमाल करके अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। कुशवाहा समाज के लोग दो दिन से कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जमीन मालिक ने आरोपों को किया खारिज इस बीच, जमीन मालिक प्रणव जैन ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी कब्जे के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए झूठा करार दिया। जैन ने कहा कि यह जमीन उनकी और उनके दोस्तों की है, जिसे उन्होंने कुछ समय पहले वैध तरीके से खरीदा था। मैंने सिर्फ अपनी जमीन को कृषि कार्य के लिए उपयोग में लाने के लिए ठीक किया है। प्रशासन ने फिलहाल यथास्थिति रखी ओरछा तहसीलदार सुनील बाल्मिक ने बताया कि फिलहाल 2009 में हुए पुराने सीमांकन के आधार पर संबंधित किसान का कब्जा बरकरार रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी पक्ष को इस पर आपत्ति है तो जिले की टीम बनाकर दोबारा सीमांकन करा दिया जाएगा। जमीन मालिक प्रणव जैन ने भी कहा कि उनकी जमीन निकले तो उन्हें दी जाए और जो किसानों की है, वो उन्हें दे दी जाए। यह मामला अब प्रशासनिक जांच की दिशा में आगे बढ़ चुका है। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों और दावों के साथ मजबूती से खड़े हैं। एक तरफ समाज का दबाव लगातार बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ प्रशासन पुनः सीमांकन कराने की बात कर रहा है।

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