डीसी के आदेश तहसीलों में एलईडी स्क्रीन चालू करवा टोकन से रजिस्ट्री करवाएं, 42 दिनों बाद भी लागू नहीं

भास्कर न्यूज| अमृतसर डीसी साक्षी साहनी ने बीते 26 नवंबर को तहसील कांपलेक्स में छापेमारी कर रजिस्ट्री दफ्तरों में फाइलों के रख-रखाव सही से कराए जाने व एलईडी स्क्रीन ठीक करा चालू करवाने का आदेश दिया था। जिससे टोकन सिस्टम से काम शुरू कराया जा सके। लेकिन 42 दिनों बाद भी सब-रजिस्ट्रार डीसी के आदेश को लागू नहीं करवा पाए हैं। बता दें कि तहसील वन और टू में एलईडी स्क्रीन लगी हुई है। बता दें कि 2016 में तहसील का रेनोवेशन कराए जाने के बाद एलईडी स्क्रीन इसलिए लगवाई गई थी कि रजिस्ट्री कराने के लिए आने वाले लोगों के लिए टोकन सिस्टम या अप्वाइंटमेंट नंबर के हिसाब से दस्तावेज तस्दीक कराया जाए। चूंकि एलईडी पर कितना अप्वाइंटमेंट नंबर चल रहा यह दिखता रहता है। लेकिन एक साल बाद ही यह एलईडी बंद हो गई। इसके बाद ढाई साल पहले अप्रैल 2022 में तत्कालीन डीसी हरप्रीत सिंह सूदन ने एलईडी स्क्रीन चालू करवा दिए थे। अप्वाइंटमेंट नंबर के अनुसार पार्टियों की रजिस्ट्रियां भी होती थी। लेकिन उनका तबादला होने के बाद फिर से बंद कर दिया गया। इसके बाद डेढ़ सालों में 2 डीसी बदल चुके और आदेश भी देते रहे, लेकिन यह एलईडी चालू नहीं कराई जा सकी। क्योंकि टोकन सिस्टम या अप्वाइंटमेंट नंबर से काम शुरू होने पर सिफारिश वालों की नहीं चल पाएगी। सूत्रों की मानें तो अफसरों की तरफ से एलईडी खराब बता दी जाती है, जबकि हकीकत इससे परे है। चूंकि प्रशासन की अपनी टेक्निकल टीम है, जो मौके पर ही इसे ठीक कर सकती है। लेकिन रजिस्ट्री कराने के लिए दूर दराज से आने वाले लोगों के नंबर व टाइम स्लॉट के अनुसार काम शुरू हुए तो विधायक-मंत्रियों व अफसरों के सिफारिशी काम बाद में किए जा सकेंगे। इसलिए इसे चालू नहीं किया जाता है। बता दें कि एलईडी के साथ ही माइक से पार्टियों को बुलाने की सुविधा भी बनाई गई थी। जिसमें सब-रजिस्ट्रार पार्टियों के अप्वाइंटमेंट नंबर अनाउंस कर बुलाते थे। उस हिसाब से फोटो फिर दस्तावेज तस्दीक कराए जाते थे। लेकिन अफसरों-कर्मियों की मनमानी का हाल यह है कि डीसी के आदेशों का पालना कराना जरूरी नहीं समझ रहे। ^रजिस्ट्री दफ्तर में किसी भी समय दोबारा चे​िकंग की जाएगी। जो भी आदेश दिए गए थे, उनका पालन नहीं कराया जा रहा तो अफसरों-कर्मियों से जवाब तलबी होगी। लोगों को बेहतर सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। लापरवाही ​ि​कसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। – साक्षी साहनी, डीसी

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