परिवहन विभाग एक तरफ तो सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा के तहत हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। वहीं, अनफिट वाहनों की वजह से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इस वजह से सड़क हादसों के साथ मृतकों की संख्या घटने की बजाय बढ़ रही है। विभाग ने वाहन मालिकों की सुविधा के लिए प्रदेश में एनीव्हेयर फिटनेस सिस्टम लागू किया था। अब यहीं व्यवस्था सड़क हादसों में तेजी से बढ़ोतरी कर रहा है। एनीव्हेयर सिस्टम के तहत कोई भी वाहन प्रदेश के किसी भी सेंटर पर फिटनेस करा सकता है, लेकिन वाहन सेंटरों पर जा नहीं रहे। अगर यह व्यवस्था खत्म हो जाए, तो वाहनों का सेंटर पर जाना जरूरी हो जाएगा। क्योंकि हर आरटीओ रीजन में वाहनों का पंजीयन की संख्या निर्धारित है। नई व्यवस्था लागू की तो चार गुना बढ़ गए वाहन सितंबर-2023 में पाली के एक फिटनेस सेंटर से मात्र 298 वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र बनाए गए थे। जैसे ही एनीव्हेयर सिस्टम फिटनेस व्यवस्था लागू की तो सितंबर-2024 माह फिटनेस जारी वाले वाहनों की संख्या 1078 हो गई। सेंटर पर करीब 4 गुना अधिक वाहन बढ़ गए। यह करिश्मा परिवहन विभाग के नए नियम एनीव्हेयर फिटनेस सिस्टम के साइड इफेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। इसी तरह जोधपुर के एक फिटनेस सेंटर से दिसंबर 2023 में मात्र 235 वाहनों की फिटनेस बनाई गई थी, लेकिन दिसंबर 2024 में यह संख्या बढ़कर 628 हो गई। रोचक यह है कि सालभर पहले जहां इन फिटनेस केन्द्रों पर केवल उन्हीं जिले के वाहनों की फिटनेस होती थी तो फिटनेस वाले वाहनों की संख्या काफी कम थी, लेकिन 14 फरवरी 2024 को एनीव्हेयर सिस्टम लागू होने के बाद दूसरे जिलों से विदाउट वाहन जांच के मामले बढ़े हैं।


