उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर पिछले सप्ताह लगातार 3 हादसों के बाद परिवहन विभाग की कार्रवाई के चलते बेकरिया और गोगुंदा थाना वाहनों से अटे पड़े हैं। अब जीप-ऑटो संचालक विरोध में उतर आए हैं। इन्होंने बुधवार को गोगुंदा एसडीएम नरेश सोनी को समस्या बताई। दूसरी ओर वाहनों के सीज होने से लोगों की शहर तक आवाजाही मुश्किल हो गई है, क्योंकि कार्रवाई के डर से दूसरे कई वाहन मानो गायब ही हो गए हैं। इस बीच स्थानीय राजनेताओं के दबाव पर विभाग ने अभियान समाप्त कर दिया है। अब फ्लाइंग टीम हाईवे पर नियमित जांच करेगी। परिवहन अधिकारियों के अनुसार लोगों ने सीज वाहन छुड़वाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इनमें से अधिकतर ऑटो साल 2022 में खरीदे गए हैं। बीमा और फिटनेस खत्म होने से प्रति वाहन 2 से 5 हजार रुपए तक जुर्माना बन रहा है। विभाग ने जुर्माना वसूलने और शपथ पत्र देने के बाद वाहन छोड़ने की बात कही है। दरअसल, आदिवासी बहुल इस इलाके में रोडवेज की गिनती की बसें हैं। इसलिए लोगों के पास जीप-ऑटो की जोखिम भरी यात्रा करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। अब परिवहन विभाग इस एरिया में नए रूट खोलने की तैयारी में है। आरटीओ नेमीचंद पारीक ने बताया कि नए रूट खोलने के लिए सर्वे करवाएंंगे। इसमें आवेदन करने वालों को निजी बसें संचालित करने की अनुमति मिलेगी। लोक परिवहन की बसें आने से क्षेत्रवासियों को परिवहन के सस्ते और सुगम साधन मिलेंगे। 7 की मौत, 18 घायल; 67 वाहन सीज-कट भी सुधारा


