विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने देशव्यापी नशा मुक्ति अभियान के तहत राजकीय बाल विद्या मंदिर स्कूल में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विहिप की जिला उपाध्यक्ष इंद्रा खत्री ने युवाओं का नशे से दूर रहने का आह्वान किया। इंद्रा खत्री ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप बन चुका है, जिसने हजारों परिवारों को तोड़ा है और लाखों युवाओं को बर्बादी की कगार पर पहुंचाया है। उन्होंने जोर दिया कि युवा देश की नींव हैं, लेकिन नशे की लत राष्ट्र के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है। खत्री ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि समाज को हर हाल में नशे से दूरी बनानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें जीवन का आनंद लेना चाहिए, नशे का नहीं। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई और खेलों में उत्कृष्टता हासिल कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने की बात कही। स्कूल की उप प्रधानाचार्या गीता शर्मा ने बालिकाओं को नशे से बचने, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन और युवावस्था में बुरी संगत व दुष्प्रवृत्तियों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि युवावस्था में ही भविष्य के निर्माण की आधारशिला निर्धारित होती है, इसलिए किसी भी प्रकार के नशे से युवाओं को बचाना चाहिए। शर्मा ने बताया कि नशा भविष्य को बिगाड़ता है और जीवन खराब करता है। नशे से परिवार में कलह, अपराध, हत्या, चोरी और डकैती जैसे अपराध बढ़ते हैं। शराब के नशे में वाहन चलाने से वाहन अनियंत्रित होकर निर्दोष लोगों की जान ले लेते हैं। उन्होंने सभी प्रकार के नशे से बचकर अपना जीवन उज्ज्वल बनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विहिप ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने आसपास और परिवार में नशे के प्रचलन का विरोध करें और लोगों को जागरूक करें। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्या दयावंती गुरनानी, विद्या, नीतू सिन्दल, नीतू राठौर, पदमा सुमन, नीलेश कुमार, प्रतिभा, दुर्गा वाहिनी कार्यकर्ता अंजलि राणावत और वीणा कुमारी उपस्थित थीं।


