आगर मालवा के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान शनिवार को आगर पहुंचे। वे यहां मोहन सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रहे थे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे जिले की करीब 50 सालों से लंबित रेलवे लाइन की मांग पर सवाल किया, जिस पर मंत्री असहज दिखे। कॉन्फ्रेंस में कहा-मुझ तक नहीं पहुंची मांग प्रभारी मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया कि यह मांग उनके संज्ञान में नहीं है और यह विषय अब तक उन तक नहीं पहुंचा है। अगर संबंधित विधायक या भाजपा जिलाध्यक्ष यह मांग उनके सामने रखते हैं, तो वे इसे प्रदेश और केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की बड़ी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने में सांसद और केंद्रीय मंत्री की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होती है। विकास कार्यों की प्रगति पर दी जानकारी धार्मिक स्थलों के विकास के संबंध में प्रभारी मंत्री ने जानकारी दी कि बैजनाथ महादेव मंदिर में 19 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे विकास कार्य अंतिम चरण में हैं। मां बगलामुखी मंदिर के वृहद विकास और सौंदर्यीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा योजना तैयार की जा रही है, और काम जल्द शुरू किए जाएंगे। प्रस्तावित आगर बाईपास पर चल रहे विवाद पर होगी बैठक इंदौर-झालावाड़ मार्ग पर प्रस्तावित आगर बाईपास को लेकर चल रहे विवाद पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनता और श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद निर्णय लेकर मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचाया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने मोहन सरकार के दो साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में प्रदेश में व्यापक स्तर पर विकास कार्य हुए हैं और सरकार आमजन के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नाबाई, विधायक मधु गहलोत, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, महामंत्री मयंक राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


