सतपुड़ा टाइगर रिजर्व देश में सम्मानित:’टूरिस्ट फ्रेंडली नेशनल पार्क’ का अवॉर्ड मिला; वन रक्षक राजेश पटेल बने ‘चैंपियन ऑफ द फॉरेस्ट’

नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) को नई दिल्ली में प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। शनिवार को आयोजित समारोह में सतपुड़ा अभ्यारण्य को ‘टीओएफटी (TOFT) कैलाश सांखला पर्यटक-अनुकूल वन्यजीव राष्ट्रीय उद्यान पुरस्कार 2025’ से नवाजा गया। यह पुरस्कार एसटीआर की डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम ने ग्रहण किया। इसी कार्यक्रम में पचमढ़ी में पदस्थ वन रक्षक राजेश पटेल को ‘चैंपियन ऑफ द फॉरेस्ट’ अवॉर्ड दिया गया। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पचमढ़ी में पदस्थ वन रक्षक राजेश पटेल को टीओएफटी पुरस्कार समारोह में ‘चैंपियन ऑफ द फॉरेस्ट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वन और वन्यजीवों की रक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण, साहस और प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है। वन मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
पुरस्कार मिलने पर वन मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मप्र वन विभाग की उपलब्धियों की सूची में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सतपुड़ा बाघ अभ्यारण्य पचमढ़ी को ToFT पुरस्कारों में कैलाश सांखला पर्यटक-अनुकूल वन्यजीव राष्ट्रीय उद्यान पुरस्कार मिला है। यह एक गौरवपूर्ण क्षण है जो वन्यजीव संरक्षण दिवस और जिम्मेदार पर्यटन में उत्कृष्टता का जश्न मनाता है।” हर साल दिया जाता है यह पुरस्कार
‘टाइगर मैन ऑफ इंडिया’ कैलाश सांखला के नाम पर यह पुरस्कार हर साल ‘टीओएफटी (TOFT) टाइगर’ संस्था द्वारा दिया जाता है। साल 2025 में यह पुरस्कार सतपुड़ा बाघ अभ्यारण्य को मिला है। इससे पहले 2024 में पेंच टाइगर रिजर्व को यह सम्मान मिला था। पीलीभीत टाइगर रिजर्व को भी इससे सम्मानित किया जा चुका है। पर्यावरण मंत्रालय ने की थी शुरुआत
इस पुरस्कार की शुरुआत पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। यह खास तौर पर उन पार्कों को दिया जाता है, जो पर्यटकों को बेहतर अनुभव देते हैं और संरक्षण में योगदान करते हैं। यह सम्मान बाघ संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संस्थानों को प्रेरित करता है।

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