मैहर। जिले के बड़ा इटमा गांव में लगभग 40 एकड़ खेत जलमग्न हो गए है। देखते ही देखते खेतो में जल भराव की वजह से किसानों में हड़कंप मच गया। दलहन की फसल में फूल लग रहे थे। खेतो में इतना पानी जल जीवन मिशन की पाइप लाइन फूटने की वजह से आया। मार्कण्डेय घाट से अमरपाटन के लिए सड़क किनारे से जल जीवन मिशन की मेन लाइन जाती है। इसी मेन लाइन में अचानक लीकेज होने से अंदर ही अंदर खेतो में पानी का रिसाव होने लगा। कुछ देर बाद पाइप लाइन वही से फूट गई।किसानों को भी कुछ समझ नही आया कि उनके खेतो में पानी का भराव कहाँ से रोका जाए? किसानों के देखते ही देखते खेत पानी से लबालब हो गए। खेतो में खड़ी फसल डूब गई। 15 दिन पहले ही गेहूं की बोवनी हुई थी बड़ा इटमा गांव में कई किसानों ने अभी 10 से 15 दिनों पहले ही खेतो में गेहूं की बोवनी की थी। अब खेतो में अचानक पानी भर जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। प्रभावित कई छोटे किसान तो ऐसे है जिन्होंने ऋण ले कर खेती की थी। *मौके पर पहुंचे तहसीलदार एवं ठेका कंपनी के अदिकारी* किसानों ने खेतो में जल भराव की शिकायत तहसील कार्यालय रामनगर में की, तब तहसीलदार ललित धुर्वे एवं जल जीवन मिशन की ठेका कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पाइप लाइन को रिपेयर कर पानी रोका गया। लेकिन तब तक गांव के अधिकांश किसानों की फसल नष्ट होने की स्थित में पहुंच चुकी थी। तहसीलदार ललित धुर्वे ने प्रभावित किसानों को आश्वासन दिया है कि पटवारी से सर्वे करा कर आर्थिक क्षति की भरपाई की जाएगी।


