बूंदी के रामगढ़ टाइगर रिजर्व में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। इस हमले में दो फॉरेस्ट गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। माफिया जब्त की गई दो जेसीबी और छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छुड़ाकर फरार हो गए। यह घटना जैतपुर रेंज क्षेत्र में हुई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम अवैध पत्थर खनन पर कार्रवाई करने पहुंची थी। माफियाओं ने धारदार हथियारों से वनकर्मियों पर हमला किया। दई थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में महावीर गुर्जर, श्योजी गुर्जर और कालू गुर्जर सहित एक दर्जन अज्ञात खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर राजकार्य में बाधा डालने, हमला करने और जब्त वाहन छुड़ाने के आरोप हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वन विभाग को रामगढ़ टाइगर रिजर्व के जैतपुर रेंज क्षेत्र में रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध पत्थर खनन की पुख्ता सूचना मिली थी। जैतपुर रेंजर जितेंद्र कुमार वर्मा के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम में फॉरेस्ट गार्ड दिलीप सिंह नरूका और रघुवीर सिंह शामिल थे। मौके पर पहुंचने पर वन कर्मियों ने देखा कि दो दर्जन से अधिक खनन माफिया जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की मदद से टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पत्थरों का खनन कर रहे थे। वन कर्मियों द्वारा अवैध खनन रोकने और वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू करते ही माफियाओं में भगदड़ मच गई। वन कर्मियों पर टूट पड़े माफिया
रेंजर जितेंद्र कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सभी खनन माफिया एकजुट हो गए और वन कर्मियों पर टूट पड़े। दिलीप सिंह नरूका के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। वहीं रघुवीर सिंह के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं हैं। अचानक हुए इस हमले से वन कर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमले के बाद माफियाओं की बर्बरता यहीं नहीं रुकी। गंभीर रूप से घायल वन कर्मियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए गए, ताकि वे मदद न बुला सकें। इसके बाद खनन माफिया जब्त की जा रही दो जेसीबी मशीनों और छह ट्रैक्टर ट्रॉलियों को जबरन छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। घायल अवस्था में दोनों वन कर्मियों को नैनवां अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जैतपुर रेंजर जितेंद्र कुमार वर्मा की ओर से दई थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।


