सुबोध महिला महाविद्यालय में एनएसएस शिविर में थिएटर पर चर्चा:रंगकर्मी जीतेंद्र शर्मा ने स्टूडेंट्स को थिएटर की कार्यप्रणाली और रोजगार के अवसर पर जानकारी दी, स्टूडेंट्स ने लघु नाटिका का मंचन भी किया

रामबाग सर्किल स्थित सुबोध महिला महाविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस कैंप में बुधवार को थिएटर और उसमें रोजगार के अवसर पर चर्चा की गई। ‘करियर ऑपोर्चुनिटी इन थिएटर पर व्याख्यान व नाट्य प्रशिक्षण एन एसएस इकाई द्वारा आयोजित किया गया । जिसमें थिएटर डायरेक्टर जीतेंद्र शर्मा ने स्टूडेंट्स को थिएटर में रोजगार के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए । शर्मा ने कहा कि इस कला में रोजगार के अपार अवसर हैं, इस कला के माध्यम से रंगमंच से ले कर टीवी, फिल्म आदि में अभिनय कर सकते है, बैक स्टेज मैनेजमेंट,मेकअप,लाइट एंड साउंड,संगीत,ड्रेस,निर्देशन,संवाद – पटकथा लेखन आदि का कार्य कर सकते है । विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में शिक्षण- प्रशिक्षण का कार्य दे सकते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पत्रकार व समीक्षक बन सकते है। भारत सरकार व स्थानीय सरकार सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्य करने वालों को 4000 हजार रुपए से अधिक अनुदान व सहायता देती है। सरकार जूनियर फेलोशिप,सीनियर फेलोशिप, टैगोर फेलोशिप के माध्यम से बीस हज़ार रुपए से लेकर दो लाख रुपए तक प्रतिमाह देती है । आयोजन के लिए पचास हज़ार से ले कर एक करोड़ रुपए तक देती है, सामान खरीदने, बिल्डिंग आदि बनाने के लिए पांच करोड़ रुपए तक देती है । अवसर और अनुदान बहुत है लेकिन योग्य कला साधकों की कमी है । युवा रंगकर्मी शर्मा ने कहा की सरकार भारत की मूल कला व संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिये अनुदान देती है,लेकिन अनुदान लेने वाले मूल संस्कृति के लिए कार्य नही करते हैं । वे कला के माध्यम से समाज को ग़लत चीजों का विस्तार करने लग जाते हैं । कला साधकों को चाहिए वे समाज को भारत की मूल संस्कृति से जोड़ते हुए लोगों को सामाजिक संदेश दें। इस दौरान युवा रंगकर्मी जीतेंद्र संस्थापक शुभ विचार संस्था ने स्टूडेंट्स को अभिनय कला के टिप्स दिए जिसके आधार स्टूडेंट्स ने एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। अंत में सुबोध महाविधालय की कार्यक्रम अधिकारी डॉ विजय लक्ष्मी मिश्रा और डॉ रचना नागर ने वक्ता का सम्मान व धन्यवाद किया ।

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