10 साल से लावारिस मंडी को ‘प्याज’ से मिलेगी पहचान:10 एकड़ में 3 करोड़ से बनी थी छैगांव मंडी, विधानसभा में उठ चुका मामला

खंडवा के छैगांवमाखन में 10 साल पहले करोड़ों रूपए खर्च कर बनाई कृषि उपज मंडी का उपयोग नहीं हो पाया हैं। 10 एकड़ जमीन में फैली मंडी का प्रांगण नेशनल हाईवे से लगा हुआ हैं। लावारिस मंडी का मामला पिछले सत्र के दौरान विधानसभा में उठ चुका हैं। अब इस मंडी को प्याज के नाम से देशभर में पहचान मिलने वाली हैं। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी हैं। पंधाना विधायक छाया मोरे के द्वारा विधानसभा में सवाल पूछने के बाद सरकार ने इस ओर ध्यान दिया हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर पिछले एक साल से मंडी के भविष्य को लेकर कार्रवाई हो रही हैं। मंडी प्रशासन ने शासन को एक अतिरिक्त टीनशेड का प्रस्ताव भेजा था। जिसकी मंजूरी होकर शासन स्तर से राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी और टीनशेड का निर्माण होगा। विधायक छाया मोरे ने कहा कि मंडी को प्याज मंडी बनाने सुझाव दिया गया है। यह क्षेत्र कृषि आधारित है और यहां सबसे ज्यादा प्याज होती है। सरकार की एक जिला एक उत्पाद स्कीम में भी खंडवा की पहचान प्याज से है। मंडी शुरू होने से पंधाना, छैगांवमाखन सहित भीकनगांव के किसानों को सहूलियत मिलेगी। खंडवा सहित इंदौर, खरगोन और महाराष्ट्र के व्यापारी आसानी आ-जा सकेंगे। खास तो यह है कि इस मंडी को लावारिस हालत में छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाना चाहिए। मंडी सचिव बोले- इसी साल से प्याज की खरीदी शुरू करेंगे खंडवा कृषि उपज मंडी के सचिव ओपी खेड़े का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले छैगांवमाखन उपमंडी को शुरू किए जाने की रणनीति बनाई गई थी। सभी किसान संगठन, व्यापारी और मजदूर यूनियन की मीटिंग लेकर सहमति बनी थी। व्यापारियों ने मांग की थी कि वर्तमान में दो टीनशेड़ है, प्याज के हिसाब से दो और होना चाहिए। व्यापारियों की मांग पर टीनशेड के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। शासन ने एक टीनशेड स्वीकृत करके राशि जारी कर दी है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। बाकी व्यापारियों से कहा कि जिस दिन से मंडी में नीलामी शुरू हो जाएगी, उस दिन दूसरे टीनशेड का निर्माण भी शुरू करवा देंगे। किसान संगठन भी अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। इस साल के सीजन में प्याज की नीलामी शुरू हो जाएगी। बैंडियां की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगे मंडी सचिव खेड़े के मुताबिक, इस मंडी के डेवलपमेंट पर 10 साल पहले दो करोड़ 94 लाख रूपए के करीब खर्च हो चुके है। फिलहाल यहां स्ट्रीट लाइट, सड़कों का मेंटनेंस, पानी की सुविधा, नये निर्माण पर काम हो रहा है। जिस तरह निमाड़ के बैंडियां में मिर्च मंडी की पहचान एशिया में दूसरे नंबर पर होती है। उसी तर्ज पर प्याज के मामले में छैगांवमाखन मंडी को राष्ट्रीस स्तर पर पहचान दिलाएंगे।

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