बीसीसीएल का कोयला महंगा, गुणवत्ता भीखराब… कहकर एनटीपीसी ने खरीदना छोड़ा

भास्कर एक्सक्लूसिव ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण उपक्रम नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) आैर कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बीच व्यावसायिक संबंध समाप्त हो गए हैं। एनटीपीसी ने बीसीसीएल का कोयला महंगा आैर उसकी गुणवत्ता खराब होने का हवाला देते हुए उससे कोयला खरीदने से इनकार कर दिया है। इससे दोनों कंपनियों के बीच कोयले की खरीदारी के लिए किया गया फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (एफएसए) भी समाप्त हो गया है। 12 अगस्त 2009 को दोनों कंपनियों के बीच पहली बार एफएसए हुआ था। उसके तहत एनटीपीसी सालाना 3.6 मिलियन टन कोयले की खरीदारी बीसीसीएल से कर रहा था। लेकिन, पिछले दो महीने से खरीदना बंद कर दिया है। उसने अब कोल इंडिया की ही एक अन्य सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड लिमिटेड से कोयला खरीदने का प्रस्ताव दिया है। इससे बीसीसीएल को सालाना करीब 2000 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि होने का अनुमान है। 360 करोड़ रुपए बकाया होने से बीसीसीएल ने एनआेसी रोका एफएसए समाप्त होने के बावजूद बीसीसीएल ने अभी एनटीपीसी को एनआेसी नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एनटीपीसी पर उसके करीब 360 करोड़ रुपए बकाया हैं। इस वजह से ही वह उसे एनआेसी नहीं दे रही है। एनटीपीसी सारे बकाए का भुगतान कर देगा, उसके बाद ही उसे एनआेसी दिया जाएगा। मंत्रालय, कोल इंडिया ने स्वीकार कर लिया एनटीपीसी का प्रस्ताव एनटीपीसी ने पिछले दिनों कोयला मंत्रालय आैर कोल इंडिया को पत्र लिखकर कहा था कि बीसीसीएल का कोयला महंगा है और उसकी गुणवत्ता भी खराब नहीं है। उसने आगे कोयला नहीं खरीदने का प्रस्ताव भी रखा था। मंत्रालय व कोल इंडिया ने विचार करने के बाद उसे मंजूर कर लिया और बीसीसीएल को भी आदेश जारी कर दिया। सालाना 30 मिलियन टन से घटकर 21 मिलियन टन रह गई बिक्री बीसीसीएल के कोयले के खरीदार लगातार घटते जा रहे हैं। वेस्ट बंगाल पावर डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड पहले सालाना 3 मिलियन टन कोयला खरीदता था, पर उसने पहले ही यहां से कोयला लेना बंद कर दिया है। यूपी में भी 2.5 मिलियन टन कोयला जाना बंद हो चुका है। ऐसे में एफएसए के तहत बीसीसीएल की बिक्री पहले के सालाना करीब 30 मिलियन टन से घटकर 21 मिलियन रह गई है। इसमें से 15 मिलियन टन डीवीसी को आैर 6 मिलियन टन अन्य कंपनियों को बेचा जा रहा है। डीवीसी ने भी खरीदारी सालाना 3 मिलियन टन कम करने का प्रस्ताव भेजा है। हजार करोड़ के राजस्व की हानि का अनुमान मिलिटन टन सालाना कोयले की बिक्री घटी 02 3.6 एनटीसीपी के साथ बीसीसीएल का फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट समाप्त हो गया है। हमसे दो महीने से एनटीपीसी कोयला नहीं ले रहा है। इससे परेशानी तो हो रही है, लेकिन नए खरीदारों की तलाश की जा रही है।’’ – हितेष वर्मा, जीएम, सेल्स एंड मार्केटिंग, बीसीसीएल

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