भास्कर संवाददाता | रायसेन/मंडीदीप रायसेन जिले के मंडीदीप नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-20 मोजमपुरा में रविवार को प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखा। खेड़ापति मंदिर के पास वन भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध अतिक्रमण को स्थानीय लोगों ने खुद ही हटवा दिया। यह जमीन कबाड़ के अवैध कारोबार का अड्डा बन गई थी। इसकी लगातार शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बिना ही लोगों ने एकजुट होकर अतिक्रमण हटाने की शुरुआत कर दी। कुछ ही समय में पूरा अवैध कब्जा साफ कर दिया गया। इस दौरान महिलाओं की सक्रिय भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में रही। कार्रवाई के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का साफ कहना था कि अगर समय रहते प्रशासन सक्रिय होता, तो जनता को कानून अपने हाथ में लेने की नौबत नहीं आती। आरोप : हर बार टाल देते हैं कार्रवाई स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि नगर पालिका और प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं। हर बार मामला टलता रहा। लगातार अनदेखी से नाराज होकर आखिरकार लोगों को खुद ही कार्रवाई करनी पड़ी। अतिक्रमण हटाने में शामिल महिलाओं ने बताया कि खेड़ापति मंदिर परिसर में जल्द भागवत कथा का आयोजन प्रस्तावित है। आयोजन से पहले स्थल की साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखना जरूरी था। कबाड़ के अवैध कब्जे के कारण परेशानी हो रही थी।


