बड़वानी | शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ से प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम भारत बोध के अंतर्गत 300 से अधिक युवा इन दिनों संसदीय प्रक्रिया को समझ रहे हैं। उन्हें युवा संसद मंचन का भी अवसर दिया जाएगा। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने बताया इस सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों और अध्ययन की प्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव हुए हैं। इससे युवा पीढ़ी अपने देश को और अधिक गहराई से समझ सकेगी। कॉलेज में इसके अध्यापन के दायित्व का निर्वाह कॅरियर सेल निभा रहा है। मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम या वेल्यू एडेड कोर्स भारत बोध या अंडरस्टेंडिंग इंडिया के प्रशिक्षक डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया सिलेबस इस तरह से बनाया है कि युवा भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत, संविधान और नागरिक दायित्व, ज्ञान परंपरा व शिक्षा दृष्टिकोण, भारत का जीवन दर्शन और सतत भविष्य की अवधारणा, समकालीन भारत और वैश्विक भूमिका को अच्छे से समझ सकेंगे। इससे उनमें देश के प्रति गौरव का भाव और नागरिक बोध बढ़ेगा। वे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो सकेंगे। क्योंकि देश को जान लेने पर प्रतियोगी परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र को हल करना आसान हो जाता है। कार्यकर्ता दिव्या जमरे और भोला बामनिया ने बताया सिलेबस में रोचक और सार्थक गतिविधियां शामिल की गई हैं। इनमें मॉक संविधान सभा या युवा संसद का आयोजन भी है। इन दिनों युवा संसद के आयोजन की तैयारी करवाई जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में युवा विद्यार्थी संसद की संरचना, राज्यसभा, लोकसभा, राष्ट्रपति, शपथ ग्रहण, संसद के शीतकालीन सत्र, मानसून सत्र, बजट सत्र, प्रश्नकाल, शून्यकाल, स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधि निर्माण की प्रक्रिया के बारे में समझ रहे हैं।


