नेशनल हाइवे-130 (रायपुर-बिलासपुर) प्रदेश की पहली सड़क है, जिसे प्राइवेट हाथों में सौंप दिया गया है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने 2611 करोड़ में 127 किमी लंबे रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे को नेशनल हाईवेज इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट (एनएचएआईटी) को 20 साल के लिए ठेके पर दे दिया है। इसे लेकर एनएचएआई और एनएचएआईटी के बीच अनुबंध हो गया है। यह एक तरह का पीपीपी मॉडल होगा। एनएचएआईटी 16 दिसंबर से नेशनल हाइवे पर काम शुरू करेगी। ठेका शर्त के अनुसार कंपनी को नई कंपनी को सड़क बनाकर देना है यदि पुरानी कंपनी सड़क नहीं बनाती है तो एजेंसी का विभाग में जो पैसा जमा है उस पैसे से टेंडर करके सड़क सुधारने का काम किया जाएगा। वहीं नई कंपनी अगले 20 साल तक हाइवे का रखरखाव, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, डिवाइडर मरम्मत, रिफ्लेक्टर लगाना, सौंदर्यीकरण करेगी, हर 20 किमी में एक एंबुलेंस, एक क्रेन घूमेगी, सड़कों से मवेशी हटाने, पूरे रास्ते में प्रति किमी में एक सीसीटीवी कैमरे लगाएगी, मेडिकल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। यदि कंपनी ठीक से काम नहीं करेगी और पब्लिक सड़क खराब होने की शिकायत करती है तो एनएचएआई क्लोज्ड टेंडर जारी करके काम कराएगी और कंपनी से पैसा भी वसूलेगी। 2020 में पूरा हुआ 127 किमी सड़क का निर्माण, 1706 करोड़ थी लागत रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे का निर्माण साल 2020 में पूरा हुआ था। 127 किमी लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। इसे तीन फेज में पूरा किया गया और तीन अलग-अलग कंपनियों को निर्माण का ठेका दिया गया। पहली कंपनी पुंज एलायड थी, जिसने रायपुर से सिमगा तक सड़क का निर्माण किया। इसके लिए 806 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था। कंपनी ने साल 2020 तक निर्माण पूरा किया। दूसरी कंपनी एलएंडटी थी, जिसे 500 करोड़ में सिमगा से सरागांव तक सड़क बनाने का ठेका मिला। इसी तरह दिलीप बिल्डकॉन तीसरी कंपनी रही, जिसने 400 करोड़ में सारागांव से बिलासपुर तक सड़क बनाई। कंपनी को चार साल तक सड़क की देखरेख का जिम्मा था। ठेका कंपनी को टोल से ही 20 साल में होगी 3650 करोड़ की आय
नेशनल हाइवे-130 में दो टोल नाके हैं। पहला टोल तरपोंगी में है, जबकि दूसरा टोल भोजपुरी। इन दोनों टोल से एक दिन में औसतन 29 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। वहीं इनसे होने वाली आय का आंकड़ा 50 लाख रुपए है। इस तरह जिस कंपनी को सड़क ठेके पर दी जा रही है, वह साल भर में ही दोनों टोल से 182 करोड़ वसूल करेगी। वहीं 20 साल में कंपनी को 3650 करोड़ की आय होगी। 20 साल के लिए दिया गया ठेके पर
रायपुर-बिलासपुर सड़क को 20 साल के लिए प्राइवेट कंपनी को सौंप दिया गया है। कंपनी 16 दिसंबर से काम संभालेगी। नई कंपनी सड़क की मरम्मत से लेकर टोल वसूली का जिम्मा संभालेगी।
दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर रायपुर चौड़ीकरण जल्द, 8-लेन की होगी सड़क, टेंडर जारी
इधर, रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे में वाहनों के दबाव को देखते हुए एनएचएआई ने सड़क चौड़ीकरण का फैसला लिया है। इसके तहत रायपुर से सिमगा तक 8 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 6 लेन की सड़क बनाई जाएगी। अभी रायपुर से सिमगा 6 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 4 लेन की सड़क है। एनएचएआई ने डीपीआर के लिए 17 सितंबर को ही टेंडर जारी कर दिया है। ठेका एजेंसी रायपुर से बिलासपुर तक सर्वे करीब छह माह के भीतर रिपोर्ट एनएचएआई को सौंपेगी। यह प्रोजेक्ट करीब एक हजार करोड़ से अधिक का है। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का काम विभाग करेगा। लेकिन सड़क के चौड़ीकरण हो जाने के बाद एग्रीमेंट रिवाइज करके नए सिरे से बनाया जाएगा।


