साल 2025 का अंत श्योपुर जिले के लिए एक अविस्मरणीय और अत्यंत शुभ संकेत लेकर आया है। कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जिसने पूरे देश की उम्मीदों को नया जीवन दे दिया है। चीता प्रोजेक्ट को एक नया आयाम देते हुए, वह तीनों मादा चीता जो पहले 11 स्वस्थ शावकों को जन्म दे चुकी हैं, उन्होंने फिर से मैटिंग कर ली है और इनमें से दो की मैटिंग सफल होने की पूरी खबर है! फरवरी 2026 के अंत तक कूनो में चीतों की एक और नई पीढ़ी का जन्म हो सकता है। यह खबर इसलिए भी उत्साहजनक है क्योंकि ये तीनों मादा चीता आशा, ज्वाला और गामिनी परियोजना की सफलता का मजबूत स्तंभ रही हैं। इन्होंने ही अब तक कूनो में 11 शावकों को जन्म दिया है। मादा चीता आशा अपने तीन शावकों से अगस्त-सितंबर में अलग हो गई थी। पार्क प्रबंधन ने तुरंत मैटिंग के प्रयास शुरू किए, जो सफल रहे। बताया जा रहा है कि दो मादा चीता इस समय बाड़े में बंद हैं, क्योंकि वह गर्भधारण कर चुकी है। ज्वाला व गामिनी भी तैयार
ज्वाला और गामिनी भी अपने शावकों से पूरी तरह अलग हो चुकी हैं। पार्क प्रबंधन ने उनकी मैटिंग के प्रयास भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि फरवरी तक तीन में से कम से कम दो मादा चीता से शावकों के जन्म से जुड़ी संभावना है, क्योंकि चीतों के जन्म के लिए फरवरी तक का समय सबसे अनुकूल माना जाता है। श्योपुर जल्द ही चीता कैपिटल के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा। यह सच है कि खुले जंगल में अब 14 चीते हैं। इससे अधिक और कुछ नहीं बता सकता हूं। – उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ कूनो नेशनल पार्क


