बीएपी ने अस्पताल पार्किंग में रोकी भाजपा नेताओं की गाड़ियां:जिला अस्पताल में पार्किंग ठेके पर विवाद, जबरन कटवाई गई रसीद

डूंगरपुर जिला अस्पताल में पार्किंग ठेके को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को बीएपी (भारतीय आदिवासी पार्टी) के जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल से निकल रहे भाजपा नेताओं और अधिकारियों की गाड़ियों को गेट पर रोक लिया। उन्होंने इन सभी से जबरन पार्किंग की रसीद कटवाई। बीएपी ने अस्पताल प्रशासन की ‘तानाशाही’ बताते हुए जनहित में पार्किंग ठेका रद्द करने की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ठेका सरकारी नियमानुसार दिया गया है। इससे पहले चौरासी विधायक अनिल कटारा और बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्किंग ठेके के खिलाफ धरना दिया था। उन्होंने तीन दिन में ठेका खत्म कर पार्किंग निशुल्क करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद करीब पांच दिनों तक अस्पताल में आने वाले लोगों से कोई पार्किंग शुल्क नहीं लिया गया था। हालांकि, रविवार से फिर से पार्किंग शुल्क वसूले जाने की जानकारी मिलने पर बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत सोमवार को अपने कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में आने वाले डॉक्टरों और स्टाफ की गाड़ियों की भी जबरन पार्किंग रसीद कटवानी शुरू कर दी। इस दौरान जिला स्तरीय आरोग्य शिविर में भाग लेकर लौट रहे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईडा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा, नगर परिषद सभापति अमृतलाल कलासुआ, उप सभापति सुदर्शन जैन और सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता की गाड़ियों को भी बीएपी कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। बीएपी जिलाध्यक्ष ने अस्पताल प्रबंधन पर गरीब मरीजों के परिजनों से पार्किंग शुल्क वसूलने की शिकायत करते हुए इन सभी की गाड़ियों की भी पार्किंग रसीद कटवाई। रसीद कटवाने के बाद सभी गाड़ियों को आगे जाने दिया गया। बीएपी के जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत ने बताया कि ये किसी पार्टी का मुद्दा नहीं है बल्कि जनहित का मुद्दा है। उदयपुर, बांसवाडा और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में पार्किंग शुल्क नहीं लिया जा रहा है, लेकिन डूंगरपुर जिले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से पार्किंग का ठेका करते हुए अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके परिजनों ने पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर गरीब मरीजों व उनके परिजनों से पार्किंग वसूला जा रहा है तो अधिकारियों व नेताओं से कोई नहीं वसूला जा रहा है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए पार्किंग ठेके को रद्द करते हुए निशुल्क पार्किंग करने की मांग की है। व्यवस्थाएं बनाने के लिए पार्किंग ठेका अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में कई बार लोग वाहन इधर-उधर खड़े कर देते हैं। इससे एंबुलेंस को आने तक की जगह नहीं मिलती है। इस समस्या को देखते हुए नियमानुसार पार्किंग ठेका दिया गया है। इससे पार्किंग सही रहती है।

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