केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह मेरे पिता को भी टारगेट करते थे और मुझे भी टारगेट कर रहे हैं। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने परिवहन विभाग के पूर्व आरटीओ सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिली बेहिसाब संपत्ति के मामले में सवाल उठाए थे। उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि ‘जब प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी तब ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन और राजस्व विभाग देने का दबाव आया था। वे ऐसा क्यों चाहते थे, ये सिंधिया जी ही बता सकते हैं।’ दिग्विजय सिंह के इसी बयान को लेकर बुधवार को ग्वालियर में मीडिया ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल किया था। जिसके जवाब में सिंधिया ने कहा- दिग्विजय सिंह मुझे कब टारगेट नहीं करते? ये कोई नई बात है क्या? दिग्विजय सिंह की जिंदगी चली गई है, मुझे और मेरे पूज्य पिताजी को टारगेट करते-करते। मैंने कभी राजा साहब को टारगेट नहीं किया। आज भी मिलता हूं तो मैं प्रणाम ही करता हूं। जिसकी विचारधारा जो हो, वह उसी आधार पर अपनी लाइन खींचे। मेरी विचारधारा जनता की सेवा करने की है। वो मेरा टारगेट है। गोविंद सिंह राजपूत के लिए सिंधिया की ओर से था दबाव
24 दिसंबर को भोपाल दिग्विजय सिंह ने कहा था कि जब कमलनाथ की सरकार बनी थी, तब उन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से दबाव था कि परिवहन और राजस्व विभाग गोविंद सिंह राजपूत को दिया जाए। इसके बाद हमारी सरकार ने एक बोर्ड का गठन किया था, जो यह फैसला करता था कि कहां किसकी पोस्टिंग होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मुझे जानकारी है कि जब शिवराज सिंह चौहान फिर से मुख्यमंत्री बने तो सिंधिया जी ने दबाव डालकर बोर्ड भंग करवा दिया। परिवहन विभाग गोविंद सिंह राजपूत को फिर सौंप दिया गया। इसके बाद एक नई प्रक्रिया शुरू हो गई। वसूली करने वाले व्यक्ति यानी कटर की नियुक्ति होने लगी। दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा था पत्र
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापा के दौरान मिली नकदी, सोना और कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के बाद दिग्विजय सिंह ने इस मामले को लेकर 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। पत्र में दिग्विजय सिंह कहा था- ‘सौरभ शर्मा नाम के जिस पूर्व आरक्षक पर करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है, उसे सागर निवासी पूर्व परिवहन मंत्री का सीधा संरक्षण प्राप्त था। मुझे जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा पूर्व परिवहन मंत्री के परिवार के सदस्य की तरह बंगले पर बैठता था। जहां वकील साहब के नाम से मशहूर संजय श्रीवास्तव के साथ बैठकर पूरे प्रदेश में परिवहन विभाग के करोड़ों रुपए के लेन-देन का हिसाब किताब रखता था’ ये खबर भी पढ़ें – इंदौर में CM बोले-नेहरुजी ने बाबा साहब को चुनाव हराया: कांग्रेस ने जिसे साथ लिया, उसे डूबाकर छोड़ा, आप की स्थिति और बुरी होगी इंदौर पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली चुनाव पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के खींचतान पर बड़ा बयान दिया है। कहा कि- कांग्रेस का अतीत है। जिसने भी कांग्रेस का साथ लिया कांग्रेस ने उसे डूबा कर ही छोड़ा है। आम आदमी पार्टी की स्थिति और बुरी होने वाली है, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस का साथ लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


