भीकनगांव में किसान संघ का रात में भी चलेगा धरना:सिंचाई, प्रशासन से नहीं बनी बात, फसल राहत व कपास खरीदी की प्रमुख मांगें

खरगोन के बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना से पानी, खराब सोयाबीन फसल का मुआवजा और भारतीय कपास निगम द्वारा ऑफलाइन खरीदी की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी परिसर, भीकनगांव में झिरन्या और भीकनगांव क्षेत्र के किसानों द्वारा किया जा रहा है। धरना स्थल पर किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। रात में भी भजन मंडलियां और भोजन की व्यवस्था यहीं रहेगी। किसान प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार दोपहर में एसडीएम आकांक्षा अग्रवाल और मंडी सचिव ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से बात की। उन्होंने किसानों से कुछ समय की मोहलत मांगी, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने मोहलत देने से इनकार कर दिया। आंदोलन करने को मजबूर हैं
किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें न तो सिंचाई परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है और न ही प्राकृतिक आपदा के कारण हुए फसल नुकसान की भरपाई हो रही है। इसी कारण वे आंदोलन करने को मजबूर हैं। आंदोलन की तीन प्रमुख मांगों में से पहली मांग बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना से संबंधित है। किसान भीकनगांव और झिरन्या क्षेत्र में तत्काल पानी पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना 98 फीसदी पूरी होने के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। दूसरी मांग क्षेत्र में खराब हुई सोयाबीन फसलों के लिए बिना शर्त राहत और बीमा राशि के भुगतान से जुड़ी है। किसान चाहते हैं कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा मिले। तीसरी प्रमुख मांग भारतीय कपास निगम की कपास खरीदी से संबंधित है। किसान ऑनलाइन खरीदी के बजाय ऑफलाइन खरीदी शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल हो सके। इस दौरान भारतीय किसान संघ के नितेश सिंह मौर्य, प्रांत युवा वाहिनी के संयोजक श्यामसिंह पवार, मुकेश पटेल, कडवा नादिया सहित 100 से अधिक किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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