एसआईआर:कलेक्टर समेत 525 अफसर घर-घर पहुंचे, दावा- एक दिन में 1.40 लाख वेरिफिकेशन

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत भोपाल में मतदाता सूची की गहन जांच शुरू हो गई है। सोमवार को कलेक्टर से लेकर कॉलेज प्राचार्य तक सभी की एक ही ड्यूटी रही। डोर-टु-डोर सर्वे। ऐसे 525 अफसरों की टीमें एएसडीआर (एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और रिपीटेड) सूची में आए 4.45 लाख से अधिक वोटरों की जांच करने शहरभर में उतरीं। प्रशासन का दावा है कि सोमवार को एक दिन में 1.40 लाख वोटरों का वेरिफिकेशन कर लिया गया। सर्वे के दौरान अफसर मतदाताओं के घर पहुंचकर सीधे सवाल पूछ रहे हैं। लिस्ट में जो नाम है, क्या वाकई में उनकी मृत्यु हो चुकी है, वह शिफ्ट हो चुके हैं? इसी तरह ​एब्सेंट और रिपीटेड वोटरों को भी क्रॉस चेक किया जा रहा है। घर पर न मिलने की स्थिति वास्तविक है या नहीं। मौके पर ही स्थिति दर्ज कर पंचनामा तैयार किया जा रहा है। एएसडीआर सूची : वह सब जो आपको जानना जरूरी है नाम एएसडीआर सूची में चला गया हो तो?
बीएलओ/ईआरओ से संपर्क करें। गणना पत्रक/दावे-आपत्ति में समय रहते प्रमाण दें। BLO का नाम, नंबर नहीं पता, शिकायत कैसे करूं?
वोटर हेल्पलाइन 1950 नंबर पर कॉल करें। सुबह 8 बजे से 8 बजे शाम तक यहां शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हेल्पलाइन पर क्या कोई दस्तावेज मांगे जाएंगे?
वोटर आईडी पर दर्ज इपिक नंबर और विधानसभा की जानकारी देनी होगी। गलत मैपिंग हो गई है, इसका पता कैसे चलेगा?
https://bhopal.nic.in वेबसाइट के सूचना सेक्शन में जाएं। यहां सूचना के सेक्शन में जाकर एएसडीआर सूची में विधानसभा और बूथवार नाम देख सकते हैं। 18 दिसंबर के बाद बिना नोटिस कट सकते हैं नाम
यह सत्यापन इसलिए तेज किया गया है, क्योंकि 18 दिसंबर के बाद बिना नोटिस नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। लोगों का कहना है कि यदि वे जीवित हैं और पते पर रह रहे हैं, फिर भी नाम डेड, शिफ्टेड या एब्सेंट दिख रहा है, तो यह प्रक्रिया की गंभीर खामी है। कलेक्टर ने खुद घरों में जाकर परिवार और पड़ोसियों से ली जानकारी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने विधानसभा 153 के मतदान केंद्र 150 से जुड़े घरों में जाकर परिवार और पड़ोसियों से जानकारी ली और पंचनामा तैयार कराया। इसी तरह खाद्य आपूर्ति अधिकारी, स्कूल प्राचार्य, शिक्षक, नगर निगम के जोन प्रभारी, जनशिक्षक, श्रम निरीक्षक और विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी अलग-अलग बूथों पर वोटर वेरिफिकेशन में लगे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *