शाजापुर में प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्यप्रदेश के बैनर तले मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे महिला स्व सहायता समूहों और रसोइया बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे को ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में गंभीर अव्यवस्थाओं, भुगतान में देरी, खाद्यान्न में कटौती और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि पिछले 4 से 5 महीनों से मध्यान्ह भोजन का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण समूहों को कर्ज लेकर भोजन बनाना पड़ रहा है। इस स्थिति से कई समूह आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बर्तन खरीदने के लिए राशि अब तक जारी नहीं की गई है, जिससे कुछ स्कूलों में बच्चों को पेपर की पत्तलों में भोजन परोसना पड़ रहा है। समूहों ने यह भी शिकायत की कि पोर्टल पर दर्ज वास्तविक छात्र संख्या के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी ‘चूल्हा बंद’ हड़ताल करेंगे इस कारण गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनके लिए कठिन हो गया है। ज्ञापन में खाद्यान्न वितरण में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए 100 प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की गई है। महासंघ ने सभी लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करने और एक मासिक समयबद्ध भुगतान व्यवस्था लागू करने की भी अपील की। इसके साथ ही, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई। शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र में संदीपनी स्कूल के कारण बंद हुए 11 स्कूलों से प्रभावित 50 महिलाओं को रोजगार देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई, तो प्रदेशव्यापी ‘चूल्हा बंद’ हड़ताल की जाएगी।


