अधिकांश मंत्रियों के क्षेत्रों में 20% खाली:प्रदेश में शिक्षकों के 84 हजार पद खाली, डिप्टी सीएम दिया के क्षेत्र में 18%, शिक्षामंत्री के क्षेत्र में 21%

माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 28 फीसदी पद खाली पड़े हैं। यहां शिक्षकों के 2 लाख 99 हजार 695 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2 लाख 15 हजार 324 भरे हैं और 84 हजार 371 पद खाली हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने खाली पदों में से स्कूल व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक के पदों पर भर्तियां निकाली हैं, लेकिन यह भर्तियां 13 सालों में सबसे कम पदों पर है। स्कूल व्याख्याता के 2202 पदों पर और वरिष्ठ अध्यापक के 2129 पदों पर भर्ती हो रही है। ऐसे में सभी पद भरना मुश्किल हैं। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सामने आए विधानसभावार खाली पदों के आंकड़ों को देखने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मंत्रियों और प्रमुख नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, लेकिन सबसे खराब स्थिति मंत्री बाबूलाल खराड़ी और केके विश्नोई के क्षेत्र में हैं। खराड़ी के क्षेत्र में 56 फीसदी और केके विश्नोई के क्षेत्र में 51 फीसदी पद खाली हैं। अन्य नेताओं के क्षेत्र में देखें तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के क्षेत्र सांगानेर में 14 फीसदी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के क्षेत्र में 18 फीसदी और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के क्षेत्र में 23 फीसदी और शिक्षामंत्री मदन दिलावर के क्षेत्र में 21 फीसदी पद खाली हैं। सीएम भजनलाल के क्षेत्र में 14%, पूर्व सीएम राजे के क्षेत्र में 30% खाली जयपुर के विधानसभा क्षेत्रों में खाली पद कम
जयपुर में दोनों निगमों में 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सांगानेर, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा के अलावा हवामहल में 22 फीसदी, आदर्श नगर में 20 फीसदी, सिविल लाइंस में 17 फीसदी, मालवीय नगर में 20 फीसदी, आमेर में 17 फीसदी, किशनपोल में 17 फीसदी और बगरू में 14 फीसदी पद खाली हैं।

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