शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी की ओर से रोहिड़ी में 12 जनवरी को आयोजित होने वाले “द रोहिड़ी फेस्ट ‘ कार्यक्रम की प्रशासन ने एनवक्त पर अनुमति निरस्त कर दी। जैसलमेर के सम की तरह रोहिड़ी के धोरों को भी पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए “द रोहिड़ी फेस्ट ‘ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसके लिए बाड़मेर प्रशासन से 31 दिसंबर 2024 को अनुमति ली गई। इसके बाद तैयारियां शुरू की थी। रोहिड़ी के धोरों पर देशभर के कई प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया था। वहीं अलग-अलग राज्यों से भी कई लोग इस कार्यक्रम में शरीक होने वाले थे। इस कार्यक्रम के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने 72 घंटे पहले कार्यक्रम की अनुमति को निरस्त कर दिया। आदेश में बताया गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम भारत-पाक सीमा के पास होने के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से निरस्त किया जाता है। हालांकि इस कार्यक्रम के निरस्त होने के पीछे की वजह राजनैतिक साजिश मानी जा रही है, क्योंकि भाटी का यह कार्यक्रम प्रतिद्वंद्वी लोगों को रास नहीं आ रहा था। ऐसे में अब कार्यक्रम निरस्त किया गया है। जबकि 11 फरवरी 2024 को बाखासर के रण में भाजपा नेता स्वरुपसिंह राठौड़ ने आपणो रण कार्यक्रम करवाया था। ऐसे में सवाल ये है कि एक जगह कार्यक्रम की अनुमति दी गई, जबकि दूसरी जगह रोहिड़ी में अनुमति मिलने के 9 दिन बार प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से निरस्त कर दी। सम की तरह रोहिड़ी के धोरे, पर्यटक जोड़ने की पहल जैसलमेर के सम के रेगिस्तान से भी ज्यादा सुंदर रोहिड़ी के धोरे है। यहां रेतीले टीले पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। गुजरात पर्यटन विभाग की ओर से भारत-पाक सीमा के नड़ाबेट जीरो पॉइंट पर्यटक क्षेत्र डवलप किया हुआ है, जो बॉर्डर से सटा हुआ है। जबकि रोहिड़ी बॉर्डर से करीब 5 किमी. दूर है। सम में देशभर से पर्यटक आते हैं। उसी तर्ज पर रोहिड़ी के धोरों में कार्यक्रम आयोजित करवाकर पर्यटन क्षेत्र में डवलप करने का एक प्रयास था। रोहिड़ी में कार्यक्रम दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक ही आयोजित होना था। इसके बावजूद एनवक्त पर इसकी इजाजत को निरस्त किया गया। भास्कर पड़ताल – 11 महीने पहले बाखासर में सांस्कृतिक कार्यक्रम “आपणो रण’ को इजाजत, धोरों वाले रोहिड़ी में “द रोहिड़ी फेस्ट’ सांस्कृतिक कार्यक्रम को अनुमति नहीं 11 माह पहले बाखासर में “आपणो रण’ कार्यक्रम 11 फरवरी 2024 को भाजपा नेता स्वरुपसिंह राठौड़ की ओर से बॉर्डर पर स्थित बाखासर के रण में “आपणो रण’ कार्यक्रम करवाया था। बाखासर रण भी बॉर्डर के नजदीक है। उसमें भी कई कलाकारों ने भाग लिया था। सवाल ये है कि बाखासर में “आपणो रण’ कार्यक्रम को इजाजत मिल गई, जबकि रोहिड़ी में “द रोहिड़ी फेस्ट’ कार्यक्रम को इजाजत देने के बाद भी सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गई। जबकि दोनों कार्यक्रम की बॉर्डर तारबंदी से 5-7 किमी. की ही दूरी है। 31 दिसंबर: लोक संस्कृति प्रोत्साहन व संरक्षण के लिए इजाजत: SDM 31 दिसंबर 2024 को गडरारोड एसडीएम हनुमानराम ने एक आदेश जारी कर बताया कि जिला कलेक्टर बाड़मेर के पत्रांक 2024/ 5270 दिनांक 11 नवंबर को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने रोहिड़ी के धोरों पर 12 जनवरी को बाड़मेर, जैसलमेर व बालोतरा की लोक संस्कृति को प्रोत्साहित व संरक्षण के लिए विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम द रोहिड़ी फेस्ट’ की अनुमति चाही है। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार विधायक रविंद्र सिंह भाटी को रोहिड़ी के धोरों पर 12 जनवरी को लोक संस्कृति के प्रोत्साहन व संरक्षण के लिए विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम “द रोहिड़ी फेस्ट’ आयोजित करने की अनुमति प्रदान की जाती है। 8 जनवरी: राष्ट्रीय सुरक्षा से अनुमति निरस्त की जाती है : कलेक्टर बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने 8 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर बताया कि 12 जनवरी को रोहिड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रम “द रोहिड़ी फेस्ट’ भारत-पाक सीमा के पास होने और कार्यक्रम में बाहरी लोगों के आने से संदिग्ध गतिविधियां की संभावना है। स्थानीय लोगों निवेदन किया है। 6 जनवरी को बाड़मेर एसपी के पत्रांक 73, उप महानिरीक्षक सेेक्टर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल, गडरारोड एसडीएम के पत्र प्राप्त हुए है। उक्त कार्यक्रम स्थल पर आवागमन व विचरण प्रतिबंधित है। सुरक्षा की दृष्टि से रोहिड़ी में कार्यक्रम करना उचित नहीं। एसडीएम गडरारोड के 31 दिसंबर 2024 को “द रोहिड़ी फेस्ट’ कार्यक्रम के लिए जारी अनुमति को निरस्त किया जाता है। यह राजनीतिक रंजिश रखने वालों की साजिश “मेरे से राजनीतिक रंजिश रखने वालों की साजिश है। मैने प्रशासन से करीब दो माह पहले इसके लिए इजाजत मांगी थी। 31 दिसंबर को इजाजत दी गई। इसके बाद कार्यक्रम की तैयारियां शुरू की। बाड़मेर की लोक संस्कृति और रोहिड़ी के धाेरों को पर्यटकों को लुभाने के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होना था। मेरे राजनीतिक विरोधी लोगों ने षड़यंत्र रचकर इसे निरस्त करवाया है, ये बाड़मेर-जैसलमेर, बालोतरा की जनता के साथ धोखा है।” -रविंद्रसिंह भाटी, विधायक शिव। “रोहिड़ी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर है, जो प्रतिबंधित इलाका है। यहां ओपन फेस्टिवल नहीं कर सकते है। पूर्व में लोकल कार्यक्रम के रूप में अनुमति दी थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी नकारात्मक रिपोर्ट दी है। यहां कोई भी बाहरी व्यक्ति जाता है तो उसकी परमिशन लेनी होती है। नियमानुसार संभव नहीं था, इसलिए परमिशन निरस्त की गई।” – टीना डाबी, कलेक्टर, बाड़मेर।


