भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर 2026) का पहला प्रारूप जारी हुआ। जिले में मतदाता सूचियों से कितने नाम काटे गए, इसका एलान भी हो गया। जिले में 19,21,127 वोटर्स में से विधानसभा क्षेत्रों में कुल 17,52,930 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा करवाए हैं। 1,68,197 मतदाताओं के गणना प्रपत्र अप्राप्त रहे। ये वो नाम हैं, जो दो जगह, पलायन, पता बदलने, मृत्यु होने से काटे हैं। जिले में 1,68,197 मतदाताओं के नाम कटे हैं। इनमें 35718 की मृत्यु हो चुकी, 87872 पलायन कर गए, 10105 ऐसे वोटर्स हैं जिनके दो जगह नाम हैं। 33796 वोटर्स अनुपस्थित है। वहीं, अन्य कारण से 706 वोटर्स के नाम काटे हैं। ऐसे में अब 34502 वोटर्स को नाम जुड़वाने के लिए 2002 से पहले के दस्तावेज एक महीने में प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेज नहीं देने पर इनके नाम कट जाएंगे। जिले में सबसे ज्यादा में 25402 वोटर्स भीलवाड़ा में अनुपस्थित हैं। 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दावे एवं आपत्तियां मांगी हैं। आयोग 14 फरवरी को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन करेगा। गहन पुनरीक्षण से पहले जिले की 7 विधानसभा क्षेत्र (177-आसींद, 178-मांडल, 179-सहाड़ा, 180-भीलवाड़ा, 181-शाहपुरा, 182-जहाजपुर एवं 183-मांडलगढ़) में कुल मतदाता 19,21,127 थे। जिनको गणना प्रपत्र वितरित किए। गणना चरण के दौरान जिले के 7 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बीएलओ ने राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलए के साथ बैठक की। बूथ क्षेत्र में अप्राप्त गणना प्रपत्रों की सूची उनके कारण बीएलओ ने बीएलए को उपलब्ध कराई। जिससे वे सूची का अवलोकन कर गणना प्रपत्रों की अप्राप्ति का कारण जान सकें। अप्राप्त गणना प्रपत्रों की सूची मय कारण जिले की वेबसाइट bhilwara.rajasthan.g ov.in पर भी उपलब्ध है। कुल 1,68,197 मतदाताओं के गणना प्रपत्र अप्राप्त रहे। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की वेबसाइट www.election.rajasth an.gov.in एवं जिले की वेबसाइट bhilwara.rajasthan.g ov.in पर Accessible format में उपलब्ध है। जिन्हें दस्तावेज देने होंगे और जिन्हें नोटिस मिलेंगे, उनके भी नाम सीधे नहीं कटेंगे। सुनवाई का मौका दिए बिना किसी के नाम नहीं काटा जाएगा। एसआईआर की वोटर लिस्ट का जो ड्रॉफ्ट पब्लिकेशन होगा, उसमें घर नहीं मिलने वालों की लिस्ट होगी। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिनके नाम नहीं होंगे, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। वे इसके बाद अपना पक्ष रख सकते हैं। पिछली एसआईआर में नाम है, तो प्रमाण देकर नाम जुड़वा सकेंगे। पिछली एसआईआर में नाम नहीं है तो माता-पिता का पिछली एसआईआर में नाम का प्रमाण और खुद का एक आईडेंटिटी प्रूफ देना होगा। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिनके नाम नहीं होंगे, वे सुनवाई के बाद भी नहीं आएंगे उनके नाम कटेंगे। 15 जनवरी तक दावे-आपत्तियां मांगी, सूची का अंतिम प्रकाशन फरवरी में पिछली SIR में नाम है तो प्रमाण देने पर नाम जुड़ेगा


