दतिया में संचालित गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान एक बार फिर लापरवाही और अनियमितता सामने आई है। ग्राम पंचायत कामद में संचालित गौशाला के निरीक्षण में मौके पर करीब 60 गौवंश पाए गए, जबकि विभागीय रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारी द्वारा 85 गौवंश होने की जानकारी दी गई थी। वास्तविक संख्या और अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों के बीच बड़े अंतर ने रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गौशाला के संधारण, निगरानी और रिपोर्टिंग में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई। गौवंशों की संख्या को लेकर गलत जानकारी देना और अभिलेखों का अद्यतन न होना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना गया है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी मामले में वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. एमएस परिहार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि गौशालाओं में पशुओं की सही संख्या, उनके रख-रखाव और नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारी की होती है। इसके बावजूद गलत जानकारी प्रस्तुत किया जाना गंभीर प्रशासनिक चूक मानी गई है। तीन दिन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देना होगा जवाब डॉ. एमएस परिहार को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण में यह बताना होगा कि गौवंशों की संख्या में यह अंतर कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में यदि संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


