अजमेर की चौरसियावास गांव के ग्रामीणों की ओर से बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। ग्रामीण रैली निकालकर बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और घेराव कर अजमेर विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की गई। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर लोकबंधु से मुलाकात के बाद एडीए पहुंचे और यहां भी विरोध करते हुए नाराजगी जताते हुए अंग्रेजों के शासनकाल में बसे गांव को पृथ्वीराज नगर आवासीय योजना के क्षेत्र से बाहर निकाल कर मुक्त करने की मांग की गई। इस मौके पर पूर्व मंत्री नसीम अख्तर और स्थानीय पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पूर्व मंत्री नसीम अख्तर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चौरसियावास गांव 1000 साल पहले से बसा हुआ है। गांव में पृथ्वीराज नगर योजना एडीए की ओर से लाई गई है। लेकिन एडीए के द्वारा बिना सर्वे यह योजना को लाया गया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि गांव में पूर्व में ही मकान बने हुए हैं। पुराना कब्रिस्तान भी है। कई पीढ़ियां वहां रह चुकी है। लेकिन एडीए कई लोगों के मकान तोड़ने के लिए उतारू है। 2000 लोग इससे प्रभावित होंगे। इसे लेकर आज ग्रामीणों के साथ जिला कलेक्टर से मुलाकात की गई है। जिला कलेक्टर से यही मांग की गई कि उस गांव में आबादी को छोड़ते हुए दूसरी योजना को लाना चाहिए। अगर किसी के भी मकान को तोड़ा गया तो जनता सड़कों पर उतरेगी और उग्र आंदोलन करेगी। ग्रामीणों की जायज मांग को मानते हुए इन्हें राहत दी जाए। जिला कलेक्टर से मांग कि सर्वे करवरकर ग्रामीणों के मकान को छोड़ते हुए योजना को लाया जाए।


