नागौर में श्रीबालाजी को पंचायत समिति बनाए जाने के विरोध में आज करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों ने जन आक्रोश रैली निकाली। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर, बोलेरो समेत करीब 300 गाड़ियों को लेकर किसान पशु प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि निर्धारित रूट से जाने की बजाय शहर से गुजर रही किसानों की गाड़ियों को पुलिस ने बीच में रही रोक दिया। इसके कारण प्रदर्शनकारी भड़क गए और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से उनकी नोक-झोंक भी हुई। दरअसल, रैली को बीकानेर रोड़ के फलोदी चौराहे पर ही शहर के अंदर आने से रोक दिया गया। पुलिस और प्रशासन की तरफ से समझाइश भी की गई। लेकिन किसानों ने प्रशासन की बात मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद किसान ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के साथ शहर में घुस गए और पशु प्रदर्शनी स्थल पहुंचे। पहले देखिए- जन आक्रोश रैली की तस्वीरें प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने नागौर एसडीएम गोविंद भींचर को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर प्रशासन की तरफ से समझाइश का प्रयास भी किया गया, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। ग्रामीणों ने कहा कि आसपास के गांवों की मांग है कि श्री बालाजी को पंचायत समिति नहीं बनाकर अलाय ग्राम पंचायत को पंचायत समिति बनाया जाए। इन गांवों के ग्रामीण रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल
ग्रामीणों के अनुसार- ग्राम पंचायत अलाय, श्रीबालाजी, छीला, गंठीलासर, हनुमान नगर कालड़ी, मकोड़ी, पींपासर, रोहिणी, सथेरण, सेवड़ी सहित अन्य गांवों के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे। जन आक्रोश रैली को शहर में घुसने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी गाड़ियां और बैरिकेड से रोकने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैक्टर और गाड़ियां लेकर किसान शहर के रास्ते ही पशु प्रदर्शन स्थल पहुंचे। फिलहाल धरना स्थल पर किसानों ने क्रमिक धरने की शुरुआत कर दी है। उनका कहना है कि उनकी एक ही मांग है, श्रीबालाजी को पंचायत समिति नहीं बनाकर अलाय ग्राम पंचायत को पंचायत समिति बनाया जाए, ऐसे में अगर यह पूरी नहीं की गई तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।


