किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को पूंजीवादी और सामंती सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन परियोजनाओं के माध्यम से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि छीनने पर उतारू है। उन्होंने कहा- सरकार भूमि अधिग्रहण को बढ़ावा देने की नीति के खिलाफ 30 दिसंबर को जयपुर में अन्नदाता हुंकार रैली” का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। जाट ने बुधवार को जोधपुर जाते समय में ब्यावर में यह जानकारी दी। रामपाल जाट के अनुसार राजस्थान बजट 2025-26 में राज्य में नौ एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की गई थी। इनमें से भरतपुर–ब्यावर और कोटपूतली–किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे का कार्य शुरू होने की स्थिति में है।उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून 2014 का हवाला दिया, जिसमें सिंचित व बहु-फसली भूमि के अधिग्रहण पर रोक का प्रावधान था। हालांकि, धारा 10 में एक परंतुक जोड़कर ऐसे अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया, जिसे किसान हितों के विपरीत बताया गया है। जाट ने किसानों की मूल मांगों को रेखांकित किया, जिनमें ‘खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम’ शामिल हैं। उन्होंने इन मांगों की पूर्ति के लिए किसान-केंद्रित राजनीति और ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। जाट का 16 से 19 दिसंबर तक चार दिवसीय राजस्थान प्रवास चल रहे हैं। किसानों से 30 दिसंबर को जयपुर पहुंचने का आह्वान किया गया। इस दौरान अजमेर जिला अध्यक्ष प्रहलाद खुरडिया, उपाध्यक्ष सुवालाल रावत तथा जिला सचिव छोटूलाल जाखड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रवास के दौरान प्रदेश महामंत्री जगदीश नारायण खुडियाला, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बेरवा और मौजमाबाद तहसील संयोजक बजरंग लाल जाजुंदा साथ रहे। आयोजित पत्रकार वार्ता में ब्यावर के जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश पटवारी, नैनूसिंह चौहान, महेंद्र सेमला, महेंद्र सिंह लालपुरा, गिरधारी सिंह राठौड़, प्रकाश भाट, अनिल खींची, महेंद्र सिंह रावत एवं विक्रम सिंह उपस्थित रहे।


