भैरूंदा| नगर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नीलकंठ में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और आम नागरिक आते-जाते रहते हैं। भैरूंदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सामान खरीदने के लिए नीलकंठ इसी रोड से जाते हैं। यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। वर्तमान में यह सड़क गंभीर समस्या का केंद्र बनी हुई है। चीच गांव से लेकर नीलकंठ तक लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सड़क पर भारी मात्रा में रेत बिखरी है। रोड पर फैली रेत के कारण वाहन फिसलने का खतरा रहता है। इस मार्ग से गुजरते समय दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रेत उड़ने के कारण कई बार लोगों की आंखों में रेत चली जाती है। इससे अचानक संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।-विकास शर्मा


