भास्कर संवाददाता|कालापीपल सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरस्वती कॉलोनी में सप्त शक्ति संगम का दूसरा चरण हुआ। आयोजन में भारतीय संस्कारों, नारी गरिमा और मातृशक्ति के उत्साह से भरा माहौल रहा। कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा मातृशक्तियों ने भाग लिया। इसे ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय में नारी शक्तियों की चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। द्वादश ज्योतिर्लिंगों और भारत दर्शन की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को जीवंत रूप में दिखाया।मुख्य वक्ता डॉ. पिंकी हार्डिया ने नारी के सप्त गुण—कीर्ति, श्री, वाक्, मेधा, स्मृति, धृति और क्षमा—का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा, नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण में मातृशक्ति की भूमिका और अन्नप्राशन संस्कार के महत्व पर प्रेरक विचार रखे। कार्यक्रम की प्रस्तावना में पालक अनीता राजपूत ने नारी को संस्कारों की संवाहिका बताया। अध्यक्षता प्रीति उपाध्याय ने की। विशेष अतिथि मोहिनी ओझा ने समाज में मातृशक्ति की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, सामूहिक गीत और वीरांगनाओं रानी लक्ष्मीबाई, पद्मावती, देवी सीता, मीराबाई और जीजामाता के जीवन प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। एक अभिभावक मातृशक्ति ने जीजामाता का रूप धारण कर अपने बच्चों को छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। यह क्षण भावनात्मक और प्रेरणादायी रहा। इसमें मातृत्व, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के जीवंत दर्शन हुए। कार्यक्रम में कुटुंब माता सम्मान के अंतर्गत शांताबाई पाटीदार, कमलेश मेवाड़ा एवं भगवतीबाई मेवाड़ा को सम्मानित किया गया। वहीं रामकाज मातृशक्ति सम्मान के अंतर्गत अयोध्या राम मंदिर निर्माण हेतु कार सेवा में सहभागिता निभाने वाली मातृशक्तियां राजकुंवर पाटीदार, किरण पाटीदार व निर्मला पाटीदार का सम्मान किया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति अध्यक्ष कमल सिंह परमार, व्यवस्थापक गोवर्धन पाटीदार, समिति सदस्य मनोज जैन, प्राचार्य प्रवीण देशपांडे, प्रधानाचार्य सुभाष काले व अंग्रेजी माध्यम प्रभारी राजेंद्र देशमुख की विशिष्ट उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन अर्चना शर्मा ने किया, प्रश्नोत्तरी का संचालन ममता चौरसिया और अतिथि परिचय सपना शर्मा ने कराया। वहीं स्वागत मंजू प्रजापति, अंजू विश्वकर्मा व कविता जैन द्वारा किया गया।


