भास्कर संवाददाता| सीहोर ई-अटेंडेंस नहीं लगाने पर 1724 शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश से शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने बुधवार को विधायक सुदेश राय के प्रतिनिधि राजकुमार जायसवाल रिंकू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वेतन जल्द दिलाने की मांग की गई। जिला शिक्षा अधिकारी संजय तोमर ने 10 दिसंबर को आदेश जारी किया था। आदेश में एक दिन ई-अटेंडेंस नहीं लगाने पर पूरे महीने का वेतन रोकने की बात कही गई थी। शिक्षकों ने कहा कि यह आदेश अन्यायपूर्ण है। नियमों के खिलाफ है। कई गांवों में नेटवर्क नहीं है। इस कारण ई-अटेंडेंस नहीं लग पाई। जिले में शिक्षक एप से अटेंडेंस लगाने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कई बार स्कूल में मौजूद होने के बावजूद लोकेशन कई किलोमीटर दूर दिख रही है। प्रोफाइल फोटो से चेहरा भी मैच नहीं हो रहा। शिकायत के बाद भी विभाग समाधान नहीं कर रहा। शिक्षकों को पढ़ाई के साथ बीएलओ का काम भी दिया गया है। शिक्षकों ने कहा कि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश में वेतन रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। विधायक प्रतिनिधि जायसवाल ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर समाधान कराएंगे। तीसरे दिन भी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया: जिले में 5877 कर्मचारी ई-अटेंडेंस के दायरे में हैं। संगठनों का आरोप है कि डीईओ, बीईओ और बीआरसी कार्यालय के कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। लेकिन अटेंडेंस सिर्फ शिक्षकों से ही लगवाई जा रही है। ज्ञापन देने वालों में विनोद उपाध्याय, संजय सक्सेना, विश्वजीत त्यागी, मुकेश कुशवाहा और संचाई सिंह परिहार शामिल रहे। सभी शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्ष हैं।


