नामांकन के लिए दलाल बना रहे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, क्यूआर कोड भी लगा रहे

भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत के साथ ही शहर के स्कूलों में बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नामांकन के लिए अभिभावक तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ने कई अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। प्री-नर्सरी, प्रेप, नर्सरी और कक्षा एक में नामांकन के लिए बच्चों की उम्र सीमा तय है। ऐसे में जिन बच्चों की उम्र तय सीमा से कुछ दिन या महीने अधिक हो जाती है, उनके अभिभावक जन्म-मृत्यु निबंधन कार्यालय का रुख करने लगते हैं। कार्यालय के आसपास पहुंचते ही वे दलालों के जाल में फंस जाते हैं। असल में, एक बार जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होता। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर दलाल अभिभावकों से मोटी रकम वसूलते हैं और गलत तरीके से डुप्लीकेट क्यूआर कोड लगा हुआ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध करा देते हैं। उक्त क्यूआर कोड की जांच करेंगे, तो एक महीने तक ऑनलाइन दिखाई देगा, लेकिन बाद में बंद हो जाता है। इसमें दलाल अभिभावकों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि यह प्रमाण पत्र केवल स्कूल नामांकन के लिए ही उपयोग होगा। अभिभावक भी मजबूरी में अपनी जरूरत पूरी करने के लिए इस अवैध रास्ते को अपना लेते हैं। उम्र कम करने के नाम पर 2000 से 2500 रुपए तक की वसूली की जा रही है। फर्जी प्रमाण पत्र बनाने पर पिछले साल हुई थी कार्रवाई फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में लगभग एक साल पहले ठगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बताया जाता है कि किसी अभिभावक ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की शिकायत बोकारो के हरला थाना में की थी, जिसपर पुलिस ने जांच के लिए ठग को पूछताछ के लिए थाना लाया था। लेकिन उसे डांट-फटकार लगाकर छोड़ दिया गया था। भविष्य में बढ़ेगी परेशानी, सख्त कार्रवाई का निर्देश फर्जी पोर्टल और अवैध तरीकों से जन्म प्रमाण पत्र बनवाना न केवल अपराध है, बल्कि इससे आगे चलकर अभिभावकों और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को ऐसे दलालों से बचने की जरूरत है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जन्म-मृत्यु के निदेशक सह अपर मुख्य रजिस्ट्रार झारखंड ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।- अशोक कुमार खलखो, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी। सवाल : जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का उम्र कम करना है। दलाल : कितना कम करना है सवाल : छह महीने कम करना है, स्कूल में एडमिशन करवाना है। दलाल : हो जाएगा, 2500 लगेंगे। सवाल : सर्टिफिकेट में कोई दिक्कत नहीं होगी न, ऑनलाइन दिखेगा? दलाल : हां, क्यूआर कोड रहेगा। सवाल : एक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है, बनेगा? दलाल : हां बन जाएगा। सवाल : प्रमाण पत्र में बच्चे की उम्र कम कर बनवाना है। दलाल : बन जाएगा। सवाल : कितना समय लगेगा। दलाल : दो-चार दिन में मिल जाएगा। आकर बात कीजिए। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दलाल से बातचीत दो से चार दिनों में तैयार हो जाता है फर्जी प्रमाण पत्र फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने में दलाल दो से चार दिनों का समय लेते हैं। प्रमाण पत्र में लगाया गया क्यूआर कोड एक सप्ताह से लेकर डेढ़ महीने तक ही काम करता है, उसके बाद वह अमान्य हो जाता है, यानी ऑनलाइन दिखना बंद हो जाता हे। जन्म-मृत्यु निबंधन कार्यालय के आसपास ऐसे ठग सक्रिय रूप से घूमते रहते हैं। जन्म प्रमाण पत्र निबंधन कार्यालय।

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