गिरिडीह पुलिस ने ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ से मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ताराटाड़ जाने वाली मुख्य सड़क पर उसरी नदी पुल के पास झाड़ियों में कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) आबिद खां के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से दो साइबर अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमुआ थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी रोहित कुमार शर्मा (19) और रंजीत कुमार यादव (26) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे फोनपे और गूगल पे जैसे ऑनलाइन भुगतान ऐप्स पर रैंडम नंबर डालकर सक्रिय यूपीआई खातों की जानकारी निकालते थे। इसके बाद वे उन नंबरों पर कॉल करके खुद को किसी वित्तीय संस्था या कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी करते थे। ठगी की गई रकम को आरोपी ‘Lotus Ne’ नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उनके पास से दो मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 41/2025 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के तरीकों की जांच कर रही है। गिरिडीह पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर अपनी बैंक या निजी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


