झाबुआ के पेटलावद में यूरिया खाद की किल्लत और वितरण में देरी को लेकर किसानों ने गुरुवार को फिर विरोध प्रदर्शन किया। 100 से अधिक किसानों ने करड़ावद मार्ग स्थित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के विक्रय केंद्र पर सड़क जाम कर दिया। इससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। किसान बोले-वितरण की रफ्तार बहुत धीमी प्रदर्शनकारी किसानों ने वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि केंद्र पर केवल एक ही पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन काम कर रही है, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया बहुत धीमी है। किसानों के अनुसार, पूरे दिन में केवल 150 से 200 बोरी खाद ही बांटी जा पा रही है, जबकि प्रतिदिन 500 से अधिक किसान खाद लेने के लिए केंद्र पर पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को दी समझाइश प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार अनिल बघेल, टीआई निर्भय सिंह भूरिया और कृषि विस्तार अधिकारी मेहताब सिंह मुवेल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को समझा-बुझाकशांत किया और मौके पर ही खाद का वितरण सुचारु रूप से शुरू करवाया। अधिकारी बोले-सभी किसानों को समय पर मिलेगी खाद कृषि विस्तार अधिकारी मेहताब सिंह मुवेल ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की बुवाई और सिंचाई का ‘पीक टाइम’ होने के कारण यूरिया की मांग बढ़ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन व्यवस्था सुधारने में लगा है। पेटलावद और रायपुरिया में दो नई आईडी जनरेट की गई हैं। मुवेल के अनुसार, अभी 100 मीट्रिक टन खाद स्टॉक में उपलब्ध है और सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। जल्द कार्रवाई न होने पर किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी प्रशासनिक आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया, लेकिन किसान संगठन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष महेंद्र हामड ने चेतावनी दी है कि अगर कल तक वितरण केंद्रों पर मशीनों की संख्या और खाद वितरण की गति नहीं बढ़ाई गई, तो किसान उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


